चित्रकूट। कोषागार में हुए 43 करोड़ से अधिक के घोटाले में प्रशासन ने सरकारी कर्मियों, पेंशनर, बिचौलियों से 13 दिनों तक गहनता जांच की। 100 पन्नों की पहली जांच रिपोर्ट तैयार कर उसे कोषागार निदेशालय को भेजा है। जांच रिपोर्ट में घोटाला में अफसरों की मिलीभगत सामने आई है। ऑडिट टीमें भी शक के घेरे में है। रिपोर्ट के अनुसार घोटाले की रकम अब बढ़ने की संभावना न के बराबर है। अब इस रिपोर्ट के आधार पर शासन स्तर से बड़ी कार्रवाई होने की संभावना है।
17 अक्तूबर को कोषागार घोटाला सामने आने के बाद प्रशासन ने एडीएम न्यायिक अरुण कुमार व एडी कोषागार बांदा विष्णुकांत द्विवेदी की दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित की थी। टीम ने 13 दिन में अभिलेखों व बैंक खातों में लेनदेन की जांच के बाद लगभग 100 पेज की रिपोर्ट कोषागार निदेशालय को भेजी है। सूत्रों के अनुसार जांच रिपोर्ट में यह तो तय हो गया कि पेंशनरों की कम बिचौलिये और विभागीय अधिकारी कर्मचारियों की सांठगांठ से घोटाला हुआ है।
कई पेंशनर तो ऐसे भी सामने आए जो सीधे विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों से मिली भगत करते थे। रिपोर्ट में हर बार ऑडिट होने और घपला सामने न आने को भी मुख्य बिंदू माना है। ऐसे में ऑडिट टीम, विभागीय कुछ अन्य अधिकारी कर्मचारियों के साथ कई बिचौलियों पर कार्रवाई हो सकती है।
43 करोड़ के घोटाले में 97 पर रिपोर्ट
43 करोड़ से अधिक के घोटाले का मामला सामने आया है। इसी आधार पर कोषागार के दो लेखाकार, एक एटीओ व एक रिटायर्ड एटीओ के अलावा 93 पेंशनरों के खिलाफ कर्वी कोतवाली में मुख्य कोषाधिकारी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें एक अधिकारी की मौत हो चुकी है। दो अधिकारी जेल में हैं और एक की तलाश जारी है। इसके अलावा 28 पेंशनर व बिचौलिए जेल जा चुके हैं। जांच रिपोर्ट के अनुसार कई ऐसे पेंशनरों के नाम सामने आए, जिनकी मौत कई साल पहले हो चुकी है। उनकी फाइलें मृत्यु प्रमाणपत्र के साथ बंद हो चुकी थी लेकिन अभिलेखों में हेराफेरी कर फिर सत्यापन में जिंदा दिखाकर करोड़ों का भुगतान किया गया।
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आगे की कार्रवाई शासन स्तर से होगी
जांच टीम के एडीएम न्यायिक अरुण कुमार व कोषागार एडी बांदा विष्णुकांत द्विवेदी ने बताया कि जांच रिपोर्ट कोषागार निदेशालय को भेजी जा चुकी है। आगे की कार्रवाई शासन स्तर से होगी। प्रथम दृष्टया लगता है कि जिम्मेदारों ने जिम्मेदारी का निर्वहन सही ढंग से नहीं किया है। इसमें 2018 से लेकर सितंबर 2025 तक की जांच की गई है। इस संबंध में कुछ और नहीं बताया जा सकता है।