चित्रकूट । लगातार शिकायत के बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर काम न करने और सूचनाएं न देना जिले के सभी बीडीओ को महंगा पड़ गया है। गोशालाओं की कमियों का निराकरण न होने व संपर्क मार्गों के निर्माण कार्यों के संबंध में लोनिवि के राज्य मंत्री द्वारा मांगी गयी सूचना न उपब्लध कराए जाने पर सीडीओ ने जिले के सभी बीडीओ का नवंबर माह का वेतन रोक दिया है। साथ ही उनको पांच बिंदुओं पर जवाब-तलब भी किया है। सीडीओ की इस कार्रवाई से विकास भवन के अधिकारियों व कर्मचारियों में हडकंप मचा है।
जिले में संचालित विभिन्न विकास कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर सीडीओ अमित आसेरी ने सभी बीडीओ का नवंबर माह का वेतन रोकने के आदेश दिए हैं। आपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत संचालित परिषदीय विद्यालयों को 14 बिंदुओं पर कार्य कराते हुए सभी बीडीओ से आख्या देने के मामले में केवल सदर ब्लाक के बीडीओ द्वारा सत्यापन आख्या उपलब्ध कराई गई थी। इसके अलावा किसी भी बीडीओ ने यह सूचना नहीं उपलब्ध कराई।
इसी प्रकार 18 नवंबर को राज्यमंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय द्वारा सदर विधानसभा और मानिकपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत सम्पर्क मार्ग व सडकों के चालू निर्माण कार्यों की सूची एवं मौजूदा स्थिति का सत्यापन कराने के निर्देश के बावजूद किसी भी बीडीओ द्वारा सत्यापन आख्या नहीं प्रस्तुत की गई।
जिले में संचालित विकास खंडवार एवं गोशालावार रोस्टर बनाते हुए प्रतिदिन गूगल मीट पर वीडियो कांफ्रेंसिंग करते हुए गोशाला में परिलक्षित कमियों का निराकरण कराने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन वीडियो कांफ्रेंस में किसी भी सचिव द्वारा प्रतिभाग न करने और इस संबंध में बीडीओ द्वारा ध्यान न दिए जाने के मामले पर भी सीडीओ ने नाराजगी जाहिर की है।
इसके अलावा सभी बीडीओ को प्रतिदिन दो ग्राम पंचायतों में चल रहे विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करते हुए आख्या देने को कहा गया था, लेकिन किसी भी बीडीओ ने निरीक्षण आख्या नहीं भेजी।
इसके चलते सीडीओ ने पांच बिंदुओं के संबंध में प्रगति लाते हुए स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना करने पर समस्त बीडीओ ंका नवंबर माह का वेतन रोकने के आदेश दिए हैं।