चित्रकूट। सदर तहसील परिसर में जब एंटी करप्शन टीम ने रिश्वत लेते दो कर्मचारियों को छह हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़कर साथ में ले जाने लगी तो वहां मौजूद अन्य तहसील कर्मियों ने टीम को घेर लिया। लगभग एक घंटे तक राजस्वकर्मियों व एंटी करप्शन टीम के बीच तीखी नोकझोंक हुई। आखिरकार एंटी करप्शन टीम को कोतवाली पुलिस बुलानी पड़ी। पुलिस के आने पर दोनों कर्मचारियों को वाहन में बैठाकर सदर कोतवाली लाया गया।
मंगलवार की शाम लगभग चार बजे जब सभी फरियादी व ज्यादातर अधिकारी कर्मचारी जा चुके थे। तब एक वाहन तहसील परिसर में आया। पूर्व सूचना के आधार पर एंटी करप्शन टीम सीधे तहसीलदार कक्ष के बगल में बने कर्मचारी कक्ष में माल बाबू राहुल कुमार व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी इश्तियाक को पकड़ लिया। इनके कब्जे से रुपये मिले जिसे रिश्वत की रकम बताई गई। जैसे ही टीम दोनों कर्मचारियों को लेकर कक्ष से बाहर आई तो राजस्व कमियों ने टीम को घेर लिया। विभागीय कर्मचारियों को छुड़ाने का प्रयास किया।
इसे लेकर विवाद गहरा गया। इसी बीच एंटी करप्शन टीम ने कोतवाली पुलिस टीम को सूचना दी। कोतवाल उपेंद्र सिंह मय फोर्स पहुंचे और किसी तरह समझाकर दोनों कर्मचारियों को लेकर कोतवाली ले गए। यहां भी कर्मचारी व पकड़े गए कर्मचारियों के परिजन पहुंच गए।
कोतवाल ने बताया कि एंटी करप्शन टीम की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर लिया गया। गौरतलब है कि इसके पूर्व जिले में रैपुरा क्षेत्र में एक दरोगा, सरैंया में एक बिजली निगम के इंजीनियर व तहसील कर्वी के एक लेखपाल को एंटी करप्शन टीम ने ही रिश्वत लेते पकड़ा था।
एसडीएम पूजा साहू ने बताया कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की इसके पूर्व शिकायत तो नहीं मिली थी, लेकिन माल बाबू की शिकायत मिली थी इसकी जांच चल रही थी।