फोटो 03 सीकेटीपी-09- मंदाकिनी नदी में नौकाविहार। संवाद
चित्रकूट। धर्मनगरी की मंदाकिनी नदी में रात 10 बजे के बाद नौका संचालन पर लगी रोक का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। प्रशासनिक निर्देशों के बावजूद नाविक देर रात तक नावें चला रहे हैं और फूहड़ गाने भी बजाते हैं। इससे श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों की शांति भंग हो रही है।
मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की तपोभूमि में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक आध्यात्मिक शांति और आत्मचिंतन के उद्देश्य से आते हैं और मंदाकिनी नदी में नौकायन का लुत्फ भी उठाते हैं। मथुरा समेत गैर जनपदों में नौकायन के दौरान हुए हादसों को देख प्रशासन ने सुरक्षात्मक प्रावधान किए हैं। नौका विहार में श्रद्धालुओं के लाइफ जैकेट अनिवार्य की है। साथ ही रात 10 बजे के बाद नौकायन पर पाबंदी भी लगा दी गई है। इसके लिए घाटों पर दीवारों पर नोटिसें भी चस्पा की गई हैं। बावजूद इसके नाविक अतिरिक्त कमाई के लालच में नियमों की अनदेखी कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि देर रात चलने वाली नावों में अक्सर शोर-शराबा होता है। इन नावों से तेज संगीत और यात्रियों के चिल्लाने की आवाजें आती हैं। स्थानीय निवासी राकेश, रमेश कुमार और विष्णु प्रताप ने बताया कि कई श्रद्धालु घाट किनारे रात्रि विश्राम करते हैं। देर रात के नौका संचालन से उन्हें काफी असुविधा का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है कि शिकायतों के बावजूद अधिकारी इस समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने बताया कि रात 10 बजे के बाद नदी में नावों के संचालन पर पूरी तरह से रोक है। इसके बाद भी कोई चला रहा है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।