चित्रकूट। जिला पंचायत सदस्य की 17 सीटों पर सात पर महिला प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है। जिसके चलते महिलाएं निर्णायक भूमिका में रहेगी। कारण है कि इस बार जिला पंचायत अध्यक्ष सीट अनुसूचित जाति की है। इसमें पुरुष अथवा महिला को भी चुनाव लड़ सकता है। इस बार चुनाव में समाजवादी पार्टी ने पांच सीट जीती है, जिसमें चार महिला प्रत्याशी हैं। जबकि भारतीय जनता पार्टी ने चार सीट जीती, जिसमें एक महिला प्रत्याशी है। वहीं बहुजन समाज पार्टी ने छह सीट जीती, जिसमें एक महिला प्रत्याशी है। वहीं एक निर्दलीय महिला प्रत्याशी ने भी जीत हासिल की है।
आरक्षण के हिसाब से जिले की कुल 17 सीटों में छह महिलाओं के लिए आरक्षित थी। जिसमें भाजपा व बसपा की महिला प्रत्याशियों का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। भदेदू से भाजपा से पूर्व जिला पंचायत सदस्य शिवशंकर सिंह की पत्नी प्रेमा सिंह ने और सरैंया से बसपा की मीरा भारती ने दोनों दलों की महिलाओं की उपस्थिति की साख बचा ली है। रैपुरा सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी संगीता देवी ने बाजी मार कर सभी दलों की प्रत्याशियों की बोलती बंद करा दी।
इसी क्रम में समाजवादी पार्टी की महिला प्रत्याशियों ने पूरा दम दिखाया और कुल चार सीट पर जीत हासिल कर ली। यहां तक कि भौंरी की सामान्य सीट पर कई पुरुष प्रत्याशियों के बीच सपा की अनीता बघेल ने बाजी मार ली। पहाड़ी सीट पर भी सपा ने भाजपा के प्रदेश मंत्री अशोक जाटव (निर्वाचित सदस्य) के खिलाफ महिला प्रत्याशी शकुंतला देवी को मैदान में उतारा था। इसके अलावा सरधुआ से राजरानी, भसौंधा से विमला देवी, अकबरपुर से अनुराधा देवी ने भी सपा के लिए जीत हासिल की। बताते चलें कि जिले की 17 सीटों में सपा ने कुल 8 महिला प्रत्याशियों को टिकट दिया था। भाजपा व बसपा ने आरक्षण के हिसाब से 6- 6 महिलाओं को टिकट दिया था।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए भाजपा ने पूरा जोर लगा रखा है। अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। इसमें भाजपा के अशोक जाटव का नाम सबसे ऊपर है। इसके बावजूद यदि सपा या बसपा की बात करें तो यह किसी महिला प्रत्याशी पर दांव खेल सकते हैं। यदि कहीं पासा पलटा तो कोई महिला भी चित्रकूट की जिला पंचायत सदस्य बन सकती है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि बसपा के पास छह, सपा के पास पांच व भाजपा के पास चार जिला पंचायत सदस्य हैं। (संवाद)