बदमाशों की पिटाई से घायल तेंदू पत्ता तोड़ान करने वाले दोनों मजदूरों की हालत में सुधार है। उनकी कटी उंगली का इलाज मध्य प्रदेश सतना में कराया जा रहा है। जिले के सीमावर्ती सती अनुसुइया के पहाड़ पर हुई घटना को लेकर यूपी व एमपी सीमा का विवाद सामने आ रहा है। दोनों जिले की पुलिस एक दूसरे के क्षेत्र में घटना होने की बात कह पल्ला झाड़ रही है।
इन दिनों तेंदू पत्ता तोड़ान का काम चल रहा है। सुबह शाम मजदूर पहाड़ व जंगल में लगे पेड़ों से पत्ते तोड़ने में जुटे हैं। मालूम हो कि शुक्रवार देर शाम को नया गांव मध्य प्रदेश थाना क्षेत्र के सती अनुसुइया के जंगल में असलहाधारी बदमाशों ने मजदूरों पर कहर बरपाया था।
पांच मजदूरों को पकड़ कर ठेकेदार, फंड मुंशी का नाम, पता और मोबाइल नंबर पूछा। इसके बाद कहा कि बिना रंगदारी दिए पत्ता तोड़ान नहीं होगा और फिर मजदूरों की पिटाई शुरू कर दी। तीन मजदूर तो किसी तरह भाग निकले, लेकिन क्योटरा निवासी राजकुमार व डिलौरा का कलूटिया केवट को बदमाशों ने पकड़ लिया और जमकर पिटाई कर दी।
फिर धारदार हथियार से दोनों की एक-एक उंगली भी काट ली। दोनों का इलाज पहले मझगवां फिर सतना के अस्पताल में चल रहा है। सतना एसपी मिथलेश कुमार के अनुसार दोनों की हालत में काफी सुधार है। घटनास्थल को लेकर शनिवार को यूपी-एमपी सीमा विवाद सामने आया।
नयागांव एसडीओपी पीएल अवस्थी ने बताया कि घटनास्थल यूपी क्षेत्र में है और इसकी जांच भी चित्रकूट पुलिस करेगी। फिलहाल रिपोर्ट नयागांव में लिखी गई है। उधर सीओ सिटी राजेश तिवारी ने बताया कि घटनास्थल मप्र में है और घायलों का इलाज भी वहीं हो रहा है।
सीमा विवाद में फंसी पुलिस अभी तक यह नहीं पता कर सकी है कि वारदात किस गैंग ने की है। सिर्फ आशंका है कि दस्यू राजा यादव, गौरी यादव गैंग का हाथ हो सकता है। वहीं कुछ लोग कह रहे हैं कि डाकू शिवा पटेल के बचे हुए साथियों ने घटना को अंजाम दिया है। इस बारे में चित्रकूट एसपी केके चौधरी और सतना एसपी मिथलेश कुमार ने बताया कि अभी गैंग का नाम स्पष्ट नहीं है।