चित्रकूट। निजीकरण के विरोध में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने मंगलवार को एसई कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया है। पहले कर्मचारियों ने निजीकरण का विरोध कर जुलूस निकाला अब विभागीय अभियंता भी इसमें शामिल हो गए हैं। 4 अक्टूबर तक प्रतिदिन तीन घंटे विभागीय कार्य का बहिष्कार करेंगे, जबकि मांग पूरी न होने पर 5 अक्टूबर से पूर्ण हड़ताल करने की चेतावनी दी है।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने ऊर्जा क्षेत्र के निजीकरण के विरोध में केंद्रीय कार्यकारिणी के आवाहन पर अधिकारी, कर्मचारियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। जूनियर इंजीनियर संघ के अध्यक्ष अनुपम कुमार ने कहा कि निजीकरण से बिजली दरों में अचानक वृद्धि होगी। निजी कंपनी मुनाफा के लिए काम करती है। इस मौके पर अधीक्षण अभियंता केपी मित्तल, एक्सईएन अनिल दुबे, एसडीओ आशीष सिंह, रोहन सिंह, जेई सौरभ अग्रहरि, राजकुमार, विनय, रंजीत, शिवप्रकाश अवस्थी, सीताराम, अनिल कुमार, दिलीप शर्मा, लक्ष्मी, गुड्डू, वकील, अजय कुमार, उन्मतलाल, नंदलाल, शिवसागर आदि अधिकारी, कर्मचारी व संविदा कर्मी मौजूद रहे।
एक्सईएन अनिल बने संयोजक
चित्रकूट। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति कार्यकारिणी का गठन मंगलवार को हुआ। जिसमें संयोजक इं अनिल दुबे, सह संयोजक इं हमेन्द्र सिंह, मंत्री रामचरण चौधरी, उप मंत्री शिव प्रकाश अवस्थी, मीडिया प्रभारी लक्ष्मी पाल व राजेश कुमार गुप्ता, अनुपम कुमार, शिवकुमार, वकीलराम, उमतलाल, विनोद कुमार सदस्य बनाए गए हैं।