बांदा/बबेरू। शिक्षा शेरनी का दूध है, जो पिएगा वहीं दहाड़ेगा। यह बात अखिल भारतीय विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा की बैठक के दौरान अतिथि वक्ता बच्छराज शर्मा ने कही।
मंडी समिति के पास रविवार को संगठन की विशेष बैठक हुई, इसमें शिक्षा के महत्व पर चर्चा की गई। अतिथि वक्ता बच्छराज शर्मा ने कहा कि बगैर शिक्षा के जीवन का कोई मतलब नहीं है। वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष केपी विश्वकर्मा ने नई पीढ़ी को शिक्षित करने पर बल दिया। बैठक को जिलाध्यक्ष रामबाबू विश्वकर्मा, वीरेश पंचाल, अशोक, विजय आदि ने भी संबोधित किया।
वहीं संगठन का एक अन्य कार्यक्रम बबेरू में आयोजित किया गया, इसमें जिला पंचायत सदस्य राजाराम विश्वकर्मा ने कहा कि समाज के उत्थान के लिए शिक्षा की महती आवश्यकता है। कार्यक्रम में धनराज विश्वकर्मा, ललित विश्वकर्मा, धीरेंद्र विश्वकर्मा, मनोज, जेपी विश्वकर्मा, सुरेश, प्रांशू, सूर्यांश, भोलू, अक्षय, जगरूप, भोला प्रसाद, इंद्रजीत सहित अन्य मौजूद रहे।