चित्रकूट। परिवार नियोजन की सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सेवा प्रदाताओं का जिला स्तरीय काउंसलिंग प्रशिक्षण का आयोजन बुधवार को सीएमओ कार्यालय के सभागार में किया गया। प्रशिक्षण में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनोद कुमार यादव ने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले लोग ग्रामीण स्तर पर एएनएम, आशा को प्रशिक्षण देंगे।
जिससे वह (एएनएम, आशा) ज्यादा से ज्यादा लोगों को परिवार नियोजन के सेवाओं की जानकारी देकर इसे अपनाने के लिए उन्हें प्रेरित कर सकें। उन्होंने कहा कि सीमित परिवार के दंपतियों को फायदे और महिलाओं को गर्भधारण में कम से कम दो साल का अंतर रख बच्चों के स्वस्थ रहने के लाभ बताएं।
टीएसयू लखनऊ की रेणुका बहादुर व जिला परिवार कल्याण विशेषज्ञ कपिल श्रीवास्तव ने प्रशिक्षण दिया। इसमें बताया गया परिवार पूरा होने पर परिवार नियोजन के अस्थायी व स्थायी साधन अपना सकते है। यह साधन जिला अस्पताल, सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मिलेंगे। यह भी बताया गया परिवार सीमित होने पर संसाधन अधिक रहने से वह स्वस्थ रहेगा।
उन्होंने बताया कि नसबंदी अपनाने वाले पुरुषों को प्रोत्साहन राशि के रूप में तीन हजार रुपये और महिलाओं को दो हजार रुपये की राशि दी जाती है। नसबंदी के लिए दंपति को अस्पताल लाने वाली आशाओं को प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इस मौके पर सीएचसी मनिकपुर प्रभारी डॉ. राजेश सिंह, चिकित्सक, एएनएम, बीसीपीएम, परामर्शदाता मौजूद रहे।