फोटो- 27 सीकेटीपी 06 बरगढ़ कस्बा में खुली बाजार। संवाद
चित्रकूट। बरगढ़ में आयुष केसरवानी के अपहरण और हत्याकांड की घटना के पांचवें दिन मंगलवार को बाजार में दुकानें तो खुल गईं लेकिन ग्राहकों की संख्या बेहद कम रही। दुकानदार ग्राहकों के आने का इंतजार करते रहे। सोमवार देर शाम व्यापारियों की बैठक में बाजार खोलने का निर्णय लिया गया था, जिसके बाद मंगलवार को व्यावसायिक गतिविधियों को फिर से शुरू हुईं।
गुरुवार को आयुष केसरवानी का अपहरण हुआ था, जिसके बाद इरफान और कल्लू नामक दो व्यक्तियों ने उसकी हत्या कर दी थी। पुलिस के साथ मुठभेड़ के दौरान घायल कल्लू को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था, जबकि इरफान को इलाज के बाद प्रयागराज के अस्पताल से न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। इस हत्याकांड के बाद से कस्बे की सभी दुकानें बंद थीं, जिससे स्थानीय व्यापार पर गहरा असर पड़ा था।
सोमवार को स्थानीय व्यापारियों ने एक बैठक आयोजित की। इस बैठक में सर्वसम्मति से यह फैसला लिया कि मंगलवार से सभी दुकानदार अपनी दुकानें खोलेंगे। हालांकि, दुकानदारों का कहना है कि अभी भी भय का माहौल पूरी तरह से समाप्त नहीं हुआ है। रेडीमेड और कपड़ा व्यापारी राम रस्तोगी ने बताया कि सुबह से दुकान खोलकर बैठे हैं लेकिन अन्य दिनों की तुलना में ग्राहकों की संख्या नगण्य है।
व्यापारी मुन्ना जैन ने इस स्थिति के लिए ग्रामीण क्षेत्र के ग्राहकों पर बाजार की निर्भरता को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि हत्याकांड के बाद से ग्रामीण क्षेत्रों से ग्राहक बाजार में नहीं आ रहे हैं, जिस कारण बाजार में सन्नाटा पसरा हुआ है। धीरे-धीरे बाजार में रौनक बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।