कलक्ट्रेट सभागार में जिलास्तरीय उद्योग बंधु की बैठक
हुई। डीएम नीलम अहलावत ने बैंकों के बाहर दलालों की मौजूदगी पर नाराजगी
जताई। अग्रणी जिला प्रबंधक से इनको हटाने को कहा। ऋण संबंधी आवेदनों पर
जल्द से जल्द उचित कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में न आने वाले बैंक
अफसरों के खिलाफ उच्चाधिकारी को पत्र लिखने को कहा।
वित्तीय वर्ष की
अंतिम बैठक में डीएम ने पिछली बैठक की कार्यवाही की पुष्टि की। प्रभारी
उपायुक्त जिला उद्योग केंद्र दयाराम ने बताया कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन
कार्यक्रम वर्ष 2014-15 के अंतर्गत लक्ष्य 64 था, जिसके सापेक्ष 165 आवेदन
मिले, 65 स्वीकृत किए गए। इनमें से 46 में ऋण वितरण के लिए बैंकों को
फाइलें भेजी गईं।
बताया कि महिला उद्यमी प्रोत्साहन ब्याज उत्पादन
योजना के तहत विभिन्न बैंकों में 12 आवेदन पत्र भेजे गए हैं। पंजाब नेशनल
बैंक कर्वी और बैंक आफ इंडिया कर्वी द्वारा ऋण स्वीकृत-वितरण किया गया।
विद्युत संयोजन से संबंधित दो प्रार्थनापत्रों का निस्तारण किया।
जिला
ग्रामोद्योग अधिकारी रामऔतार यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्रामोद्योग
रोजगार योजना के तहत 48 इकाइयों का लक्ष्य है। अभी तक 77 आवेदन आए हैं।
बैंकों में 39 इकाइयों के ऋण आवेदन स्वीकृत किए गए हैं, 23 को वितरण कर
दिया गया है।
क्षेत्रीय प्रबंधक उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण
बोर्ड से संबंधित कोई भी मामला लंबित नहीं है। डीएम ने बैंक अधिकारियों से
बैंकों में ऋण आदि दिलाने के नाम पर दलालों की सक्रियता पर नाराजगी जताई।
कहा कि उनसे सांसद प्रतिनिधि ने शिकायत की है।
उन्होंने कमीशनखोरों
को बैंकों के आसपास से हटाने के निर्देश अग्रणी जिला प्रबंधक को दिए। बैंक
अधिकारियों से कहा कि जो भी ऋण वितरण संबंधी पत्रावलियां आई हैं, उनको 31
मार्च तक निपटा दिया जाए। डीएम ने कहा कि बैठक में जिन बैंकों के अधिकारी
मौजूद नहीं रहे हैं, उनके उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा जाए।
उन्होंने
व्यापारियों को समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दिया। बैठक में अग्रणी
जिला प्रबंधक दिनकर सिंह, सुशील द्विवेदी, मुकुल अग्रवाल, पंकज अग्रवाल,
राहुल गुप्ता, ओम केशरवानी, गोलू गुप्ता भी मौजूद रहे।