चित्रकूट। 43.13 करोड़ रुपये के कोषागार घोटाला मामले में एसआईटी ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए तीन वरिष्ठ कोषाधिकारियों और छह एटीओ की चल-अचल संपत्ति की बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी है। इन अधिकारियों द्वारा संपत्ति का पूरा ब्योरा न सौंपने पर एसआईटी ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को रिपोर्ट भेज दी है, जिसके बाद ईडी भी जल्द ही नोटिस जारी कर सकती है। पूछताछ के दौरान इन अधिकारियों के बयानों में लगातार आ रहे विरोधाभासों से जांच टीम के समक्ष उलझन पैदा हो रही है।
43.13 करोड़ के घोटाला मामले में तीन माह पूरे होने के बाद भी जांच जारी है। हालांकि जल्द ही एसआईटी चार्जशीट अदालत में दाखिल करने की तैयारी कर रही है। जांच का लगातार दायरा बढ़ने से भी नये मामले सामने आने पर जांच टीम को फिर से पूरी जांच करनी पड़ रही है। डेढ़ माह पूर्व डीएम चित्रकूट पुलकित गर्ग ने नामजद 93 पेंशनर,बिचौलिए व कोषागार विभाग के अधिकारी कर्मचारियों की संपत्ति बेचने पर रोक लगाई थी। इधर जांच का दायरा बढ़ा तो अब इसमें सन 2018 से लेकर अब तक तैनात रहे वरिष्ठ कोषाधिकारी की भी संपत्ति जद में आ गई। चार दिनों से जांच टीम ने चित्रकूट में तैनात रहे वरिष्ठ कोषाधिकारी कमलेश, शैलेश, वर्तमान वरिष्ठ कोषाधिकारी रमेश सिंह व रिटायर्ड एटीओ अवधेश प्रताप सिंह के अलावा कार्यरत पांच एटीओ से पूछताछ कर रिकार्ड का मिलान कराया। इन सभी की संपत्ति का जितना भी ब्यौरा मिला है उसी आधार पर इसकी बिक्री पर रोक लगाने के लिए एसआईटी ने इनके तैनाती स्थल के उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा है।
एसपी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि जांच टीम ने जो रिकार्ड वरिष्ठ कोषाधिकारियों व एटीओ से मांगे हैं वह पूरे नहीं मिलने से जांच में बाधा आ रही है। हालांकि इसकी रिपोर्ट पहले ही ईडी को जांच टीम ने भेजी है। इसमें लगातार उचित कार्रवाई जारी है।