चित्रकूट। सत्र न्यायालय ने जानलेवा हमले के आरोपी रामनरेश को जमानत दे दी है। न्यायालय ने उन्हें 50 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और इतनी ही राशि की एक जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। रामनरेश पर 3 मई 2026 को पहाड़ी थाना क्षेत्र के देवल गांव में सुभाष देवी के खिलाफ लाइसेंसी बंदूक से फायर करने का आरोप था।
सुभाष देवी ने बटाई के खेत के विवाद में गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। अदालत ने पाया कि वादी पक्ष को कोई चोट नहीं आई थी, जबकि रामनरेश की बाईं आंख के नीचे चोट और सूजन थी। वादी पक्ष इस चोट का स्पष्टीकरण नहीं दे सका। न्यायालय ने पाया कि 62 वर्षीय रामनरेश का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और वह तीन मई से जिला कारागार चित्रकूट में निरुद्ध है। सत्र न्यायाधीश शेष मणि ने जमानत प्रदान करने का आधार पाया। (संवाद)
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सड़क दुर्घटना का आरोपी दोषमुक्त
चित्रकूट। सड़क दुर्घटना मामले में राजा भैया को अदालत ने उन्हें सभी आरोपों से संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया है। यह फैसला सिविल जज सीनियर डिवीजन न्यायालय एफटीसी के अश्विनी कुमार उपाध्याय ने दिया।
मामला आठ फरवरी 2022 को कर्वी कोतवाली क्षेत्र में हुए हादसे से जुड़ा है। जिसमें सतरनिया देवी की मृत्यु हो गई थी। मृतका के पति की तहरीर पर राजा भैया के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी। न्यायालय ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपी को चालक सिद्ध करने में विफल रहा। वाहन की बरामदगी, स्वामित्व और आरोपी से जुड़ाव भी साबित नहीं हो सका। अभियोजन पक्ष राजा भैया के विरुद्ध आरोपों को संदेह से परे सिद्ध नहीं कर पाया, जिसके बाद उन्हें दोषमुक्त किया गया। (संवाद)
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तीन वाहन चालकों पर 15,800 रुपये का जुर्माना
चित्रकूट। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राजेंद्र प्रसाद भारती ने मोटर वाहन अधिनियम के उल्लंघन के तीन मामलों में तीन वाहन चालकों पर कुल 15,800 रुपये का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड की अदायगी न करने पर उन्हें 10-10 दिन की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
कर्वी कोतवाली क्षेत्र में राजा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। उस पर मोटर वाहन अधिनियम की धारा 181 और 185 के तहत आरोप लगे थे। सुनवाई में न्यायाधीश ने इन धाराओं में दोषी पाया। उसने स्वेच्छा से अपना जुर्म स्वीकार किया, जिसके बाद अदालत ने दोषी राजा पर 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। इसी तरह, कर्वी कोतवाली में भी मुमताज खान के खिलाफ धारा 177 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोपी के जुर्म कबूलने पर 400 रुपये का जुर्माना लगाया। वहीं कर्वी कोतवाली में अश्विनी कुमार को धारा 177 के तहत प्राथमिकी दर्ज थी। अदालत ने अश्विनी पर 400 रुपये का अर्थदंड लगाया गया। (संवाद)
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मारपीट के दोषी को न्यायालय उठने तक की सजा
चित्रकूट। मारपीट और जान से मारने की धमकी में दोषी को न्यायालय उठने तक की सजा सुनाई। उस पर 2000 रुपये जुर्माना भी लगाया। अपर सिविल जज अंशुमान यादव ने यह फैसला दिया।
चित्रकूट के सीतापुर राघवपुरी निवासी जोगी के खिलाफ कोतवाली कर्वी में वर्ष 2010 में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जोगी पर गाली-गलौच, मारपीट व धमकी देने का आरोप लगा था। इस मामले में विवेचना कर विवेचक ने आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। बयान और साक्ष्य के आधार पर उन्होंने आरोपी को दोषी करार दिया। (संवाद)