फोटो- 2- जिला अस्पताल के गेट पर एंबुलेंस का इंतजार करतीं प्रसूताएं व परिजन
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चित्रकूट। जिला अस्पताल में प्रसव उपरांत जब जच्चा-बच्चा को गांव जाने की छुट्टी मिली तो उनसे एंबुलेंस चालक ने गांव तक छोड़ने के लिए रुपये की मांग की। आर्थिक स्थिति अच्छी न होने से परिजन मनमाफिक रुपये न दे पाए तो नवजात समेत प्रसूताओं को अस्पताल गेट पर एक घंटे तक इंतजार करना पड़ा जबकि एंबुलेंस उनके सामने ही खड़ी थी।
राजापुर के उत्तमपुर निवासी अन्नू पत्नी लवलेश की सास लीलावती ने बताया कि बुधवार बहू ने जिला अस्पताल में नवजात को जना। रविवार को डाक्टरों ने जच्चाबच्चा को गांव जाने के लिए छुट्टी दे दी। जननी सुरक्षा योजनातंर्गत अस्पताल से ही एंबुलेंस को फोन लगाया तो बताया कि अस्पताल में ही एंबुलेंस मौजूद है। आरोप लगाया कि जब वह बाहर आए तो एंबुलेंस चालक ने उनसे रुपये की मांग की। इनके साथ ही मौजूद पहाड़ी के पटिया कहेटा निवासी फूलकुमारी पत्नी रामबालक की सास सुकरीदेवी ने बताया कि उसकी बहू को भी बुधवार को पुत्र पैदा हुआ था। रविवार को अस्पताल से छुट्टी होने के बाद वह गांव जाने के लिए एंबुलेंस का इंतजार कर रहीं हैं।
दोनों प्रसूताओं के परिजनों ने रविवार की दोपहर को अस्पताल में ही मौजूद एंबुलेंस चालक पर रुपये मांगने का आरोप लगाया। बताया कि चालक के मनमाफिक रुपये न दे पाने के कारण उन्हें नहीं ले जाया जा रहा है। एक घंटे तक इंतजार करना पड़ा। इसी बीच मामले की जानकारी एंबुलेंस के जिला प्रभारी दिनेश सिंह तक मामला पहुंच गयी। उन्होंने चालक व एमटी से बातचीत की और रुपये मांगने के आरोप के बारे में भी जानकारी ली। चालक ने कहा कि उसने रुपये नहंी मांगे हैं एक और मरीज का इंतजार करने को कहा था। यह कहा कि जब तीन मरीज हो जाएंगे तब चलेंगे। रुपये मांगने का आरोप गलत हैं। जिला प्रभारी ने बताया कि इसके बाद दोनों प्रसूताओं को लेकर एंबुलेंस रवाना हुई है। रुपये मांगने के साक्ष्य मिलने पर कार्रवाई होगी।