चित्रकूट/राजापुर। भाजपा से जिला पंचायत अध्यक्ष निर्विरोध होने वाले राजापुर निवासी अशोक जाटव का राजनीतिक जीवन उतार चढ़ाव से भरा रहा। कई बार विपरीत परिस्थितियों में उन्होंने अपना दायित्व निभाना नहीं छोड़ा शायद इसी का नतीजा ही था कि वह निर्विरोध अध्यक्ष बन रहे हैं। उनके राजनैतिक जीवन की यह उपलब्धि उनकी कार्यशैली से ही मिली है।
भाजपा के जिलाध्यक्ष रहने के दौरान उन्होंने अनुशासन व पार्टी के कामों पर जोर दिया तो कई विरोधी बन गये जिससे उन्हें दोबारा अध्यक्ष न बनाने में कुछ विरोधी सफल हो गये। इसी दौरान उन्होंने राजापुर नगर पंचायत के चुनाव में अपनी मां बसंती जाटव को चेयरमैन के पद पर सफलता दिलाई। खुद इस पद का चुनाव लडे़ तो हार मिली। पार्टी हाईकमान उनके कार्यशैली से संतुष्ट रही और उन्हें अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ की प्रदेश स्तर पर जिम्मेदारी दी गई। स्नातक चुनाव में उन्हें बुंदेलखंड प्रभारी बनाया गया। फिर उन्हें मुख्य कार्यकारिणी में प्रदेश मंत्री बनाया गया। सूत्रों की मानें तो उन्हें एमएलसी भी बनने का मौका मिला लेकिन कुछ परिस्थितियों से यह नहीं हो सका। शायद उन्हें जिला पंचायत अध्यक्ष बनना था इसीलिये वह पद नहीं मिला।
रविवार को जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर निर्विरोध होने के बाद जब गृह नगर राजापुर पहुंचे तो समर्थकों ने फूलमाला से स्वागत किया। उन्होंने संकटमोचन मंदिर व महाकवि तुलसीदास मंदिर में माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश की सरकार के मंशानुरूप विकास कार्य कराए जाएंगे। सबसे पहले ग्रामीण विकास पर ध्यान दिया जाएगा और जिला पंचायत कार्यालय में किसी भी प्रकार का कोई भ्रष्टाचार नहीं होने पाएगा और कार्य दिवस पर कोई भी व्यक्ति अपनी समस्याओं को लेकर किसी भी समय मिल सकता है।