फोटो 21 सीकेटीपी-11- परिचय- रामलीला में सीता स्वयंबर की लीला में एक दूसरे को वरमाला पहनाने के ल
चित्रकूट। पुरानी बाजार रामलीला भवन में धनुष यज्ञ लीला का मंचन किया गया। इसमें देर रात तक हजारों दर्शक मौजूद रहे। भगवान श्रीराम के धनुष तोड़ते ही पंडाल जय श्रीराम के जयकारे से गूंज उठा । फूल माला की बारिश के बीच श्रीराम व सीता का विवाह संपन्न हुआ।
नगर पालिका व केसरवानी समाज की ओर से आयोजित रामलीला के मंचन में शनिवार की रात को धनुष यज्ञ लीला हुई। राजा जनक ने शर्त रखी कि जो कोई भी धनुष को तोड़ेगा उसका विवाह वह अपनी पुत्री सीता के साथ करेंगे।इसके लिए सभी राजाओं को संदेश भेजा गया। कई राजा व वीर पहुंचकर धनुष तोड़ने का प्रयास किया, लेकिन सभी विफल हो गए।
ऋषि विश्ववामित्र ने श्रीराम को धनुष तोड़ने की आज्ञा दी। श्रीराम ने धनुष तोड़ दिया। मिथिला नगरी में उत्साह मनाया गया। श्रीराम व माता सीता का विवाह धूमधाम से संपन्न हुआ।
इसके बाद परशुराम व लक्ष्मण संवाद की आकर्षक लीला हुई। इसे देखने के लिए रविवार की सुबह तक दर्शक पंडाल में मौजूद रहे। इस मौके पर नगर पालिका के चेयरमैन नरेंद्र गुप्ता, विवेक अग्रवाल, विजय मिश्रा, गिरीश अग्रवाल, पंकज अग्रवाल, नरेश केसरवानी, देवेंद्र केसरवानी, अमित चतुर्वेदी, राजू जायसवाल, भानू गुप्ता, लिप्पू गुप्ता सहित अन्य मौजूद रहे। इसी क्रम में नई बाजार रामलीला में रविवार की देर शाम को धनुष यज्ञ की लीला जारी है। यह जानकारी उप्र उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने दी।