सूखाग्रस्त जिला घोषित होने के बाद किसान परिवारों को
समय से खाद्य सामग्री व गांव में पेयजल की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए
गए। खासकर अन्ना प्रथा पर नियंत्रण जरूरी है। जिलाधिकारी ने कृषि, खाद्य व
पेयजल विभाग समेत सभी अधिकारियों की बैठक कर प्रगति रिपोर्ट देने के
निर्देश दिए।
कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी नीलम अहलावत ने कहा कि
शासन द्वारा सूखाग्रस्त घोषित करने के बाद अब किसान व उनके परिजनों को समय
से राहत सामग्री पहुंचाई जाए। खासकर कृषि, खाद्य व पेयजल विभाग अब तक किए
गए कामों की सूची उपलब्ध कराएं।
गांव में हैंडपंप लगाए जाए। सिंचाई के लिए
उपलब्ध पानी का बराबर बंटवारा किया जाए। किसानों को ट्यूबवेल संचालन के लिए
पर्याप्त विद्युत आपूर्ति मिले।
गांव में मवेशियों को पानी उपलब्ध कराने
को चरही बनाई जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि अन्ना प्रथा पर लगाम लगाना जरूरी
है। किसानों की बची फसल को अन्ना मवेशी भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं।
जिनके
मवेशी अन्ना घूमते हों उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। अन्यथा इन मवेशियों को
गौशाला पहुंचाया जाए। बैठक में एडीएम महेश चंद्र शर्मा, सीडीओ एमए हसन,
उपकृषि निदेशक जगदीश नारायण व जल निगम के अधिशाषी अभियंता जेपी सिंह आदि
मौजूद रहे।