विभिन्न मांगों को लेकर देवांगना मार्ग पर प्रदर्शन करते 102 व 108 एंबुलेंस कर्मी। संवाद
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चित्रकूट। एंबुलेंस चालक व सहयोगी कर्मियों ने ठेका प्रथा बंद करने आदि मांगो को लेकर एंबुलेंस सेवा ठप कर दी। जिससे मरीजों व उनके तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
जीवनदायिनी स्वास्थ्य विभाग 108 व 102 एंबुलेंस कर्मचारी संघ ने प्रदेश आवाहन पर सोमवार को जिलाध्यक्ष संजय गुर्जर की अगुवाई में चौथे दिन एंबुलेंस कर्मचारी देवांगना घाटी में सभी एंबुलेंसों को खड़ा कर विरोध प्रदर्शन किया। एंबुलेंस कर्मचारियों ने मांग किया कि कर्मचारियों को कंपनी बदलने पर स्थानांतरित न किया जाए। अनुभवी कर्मचारियों को ही रखा जाए। कोरोना महामारी के दौरान अग्रणी भूमिका निभा रहे कोरोना योद्धा एंबुलेंस कर्मचारियों को ठेका प्रथा से निजात मिले। मृतक आश्रितों के परिवारों को जल्द बीमा राशि 50 लाख और सहायता राशि सरकार की ओर से जारी हो। कंपनी बदलने पर वेतन में किसी तरह की कटौती न की जाए। इस मौके पर राजेन्द्र कुमार, अमित कुमार, अवनीश पटेल, अनिरुद्ध सिंह, रामजीवन, नवीन आदि एंबुलेंस कर्मी मौजूद रहे। एंबुलेंस बंद होने से अस्पतालों में पहुंचने के लिए मरीज व प्रसूताएं परेशान रहे। मरीज प्राइवेट वाहनों से अस्पताल पहुंचे।