चित्रकूट। जिला अस्पताल में मंगलवार को लगभग दो घंटे तक बिना डॉक्टर के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीज परेशान रहे। फार्मासिस्ट के जानकारी देने पर सीएमएस ने दूसरे चिकित्सक को बुलाकर चिकित्सा शुरू कराई है। सीएमएस ने ड्यूटी से नदारद डॉक्टर से स्पष्टीकरण मांगा है। उधर, ड्यूटी से नदारद ईएमओ का आरोप है कि माह में 28 दिन इमरजेंसी सेवाएं देते हैं। इसमें भी भेदभाव किया जाता है। इस सबंध में सीएमएस ने बताया कि सप्ताह में एक अवकाश चिकित्सकों को दिया जाता है। बिना सूचना के ड्यूटी से नदारद होने पर कार्रवाई की जाएगी।
मंगलवार को जिला अस्पताल में दोपहर लगभग दो बजे यह मामला सामने आया। इमरजेंसी वार्ड में महिला चिकित्सक अनीता की ड्यूटी लगाई गई थी। दोपहर बाद साढ़े तीन बजे बिना चिकित्सक के इमरजेंसी चल रही थी। ड्यूटी में तैनात फार्मासिस्ट राममिलन मरीजों की देखभाल करते देखे गए। काफी देर तक डॉक्टर के न आने पर फार्मासिस्ट ने सीएमएस को जानकारी दी। इस बीच मरीज व तीमारदार काफी परेशान रहे। बिना चिकित्सक इमरजेंसी सेवा लगभग दो घ्ंाटे प्रभावित होने से मरीजों में आक्रोश दिखा।
महिला चिकित्सक ड्यूटी चार्ट में 28 दिन ड्यूटी करने की बात जरूर अंकित कर गई, लेकिन मंगलवार को ड्यूटी के दौरान नदारद रहीं। जबकि इनकी ड्यूटी दोपहर दो बजे से रात्रि आठ बजे तक थी। सूचना मिलते ही सीएमएस डा. आरके गुप्ता इमरजेंसी वार्ड पहुंचे। बताया कि दूसरे डाक्टर को बुलाया है। तब जाकर मरीजों को राहत मिली। ----