बांदा। चित्रकूट जेल में विधायक अब्बास अंसारी और उनकी पत्नी निकहत अंसारी की अवैध मुलाकात के बहुचर्चित मामले में शनिवार को भ्रष्टाचार निवारण विशेष न्यायालय बांदा में सुनवाई हुई। इस दौरान विधायक और उनकी पत्नी की ओर से स्वास्थ्य खराब होने तथा भीषण गर्मी का हवाला देते हुए हाजिरी माफी का प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया, जिसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया।
मामले की सुनवाई अपर जिला जज द्वितीय एवं विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण) चंद्रपाल द्वितीय के न्यायालय में हुई। सुनवाई के दौरान तत्कालीन जेल अधीक्षक संतोष कुमार सागर और डिप्टी जेलर चंद्रकला न्यायालय में उपस्थित हुए। उनके अधिवक्ताओं ने डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र पर बहस करते हुए कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों में संतोष कुमार सागर की संलिप्तता प्रमाणित नहीं होती, इसलिए उन्हें आरोपमुक्त किया जाए। हालांकि न्यायालय ने सुनवाई के बाद तत्कालीन जेलर की डिस्चार्ज याचिका खारिज कर दी। अब उनके खिलाफ भी आरोप तय किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और आरोपपत्र पर सुनवाई होगी।
गौरतलब है कि 10 फरवरी 2023 को तत्कालीन जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक द्वारा चित्रकूट जेल में की गई संयुक्त छापे के दौरान निकहत अंसारी जेल अधीक्षक के कक्ष में मिली थीं। आरोप था कि उन्हें नियमों के विपरीत जेल परिसर में विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही थीं। मामले में विधायक अब्बास अंसारी, उनकी पत्नी निकहत, जेल अधिकारियों समेत आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किया गया था।
बाद में एसआईटी जांच में जेल के भीतर विशेष सुविधाएं देने और बदले में नकदी व उपहार लेने के आरोप भी सामने आए थे। वर्तमान में सभी आरोपी जमानत पर हैं, जबकि तत्कालीन जेल अधीक्षक संतोष कुमार सागर और जेलर संतोष कुमार अब भी निलंबित चल रहे हैं। न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई 26 जून निर्धारित की है। उस दिन विधायक अब्बास अंसारी और उनकी पत्नी के न्यायालय में उपस्थित होने की संभावना जताई जा रही है।