चित्रकूट। रैपुरा थाना क्षेत्र के हनुमानगंज गांव में केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के जेठ और प्रधान पति के घर के सामने एक ग्रामीण ने आवास न मिलने से क्षुब्ध होकर आत्महत्या का प्रयास किया। घटना से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही प्रधान पति पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीण को फंदे से उतारकर सीएचसी रामनगर में भर्ती कराया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया है।
थाना क्षेत्र के लौरी लोखरी गांव निवासी लल्ली शनिवार की शाम को अपने पुत्र राजा के साथ हनुमानगंज गांव पहुंचा। वहां उसने प्रधान पुष्पलता सिंह के घर के सामने पहुंचकर जोर-जोर से आवास न मिलने की बात कहते हुए हंगामा शुरू कर दिया। लल्ली ने आरोप लगाया कि उसका पड़ोसी काशी उसकी जमीन पर कब्जा करके आवास बना रहा है, जबकि वह खुद सरकारी आवास पाने के लिए कई महीनों से प्रधान और ब्लॉक के चक्कर लगा रहा है। उसने यह भी आरोप लगाया कि उसे सरकारी आवास दिलाने के बजाय प्रधान पति अरुण सिंह उसके पड़ोसी काशी को आवास दिलाने की सिफारिश कर रहे हैं। क्षुब्ध होकर लल्ली ने पुत्र के साथ गांव पहुंचकर प्रधान के आवास के सामने फंदा लगाकर जान देने का प्रयास किया।
थाना प्रभारी आशुतोष तिवारी ने बताया कि अभी तक किसी भी पक्ष से कोई तहरीर नहीं मिली है। ग्रामीण लल्ली को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां वह ज्यादा बोलने की स्थिति में नहीं है। उसके पुत्र ने यही बताया है कि आवास न मिलने से उसके पिता काफी परेशान थे। वहीं प्रधान पुष्पलता सिंह ने भी आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि उन्होंने काशी या लल्ली में से किसी के लिए भी आवास देने की सिफारिश नहीं की है और उन पर लगाए जा रहे आरोप गलत हैं।
प्रधान पति ने घटना को बताया साजिश
घटना के समय प्रधान पति अरुण कुमार घर पर मौजूद नहीं थे। सूचना मिलते ही वह रैपुरा थाने की पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीण को फंदे से अलग कर अस्पताल में भर्ती कराया।ग्राम प्रधान पति अरुण कुमार, प्रदेश सरकार के मंत्री आशीष पटेल के भाई हैं और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के जेठ भी हैं। उन्होंने इस घटना को एक सोची-समझी साजिश बताया है। कहा कि पीड़ित लल्ली को कुछ विरोधी लोग मोहरा बना रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आवास दिलाने में उनकी कोई भूमिका नहीं है, क्योंकि इसके लिए प्रशासन द्वारा सर्वे कराया जाता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन पर जानलेवा हमले की कोशिशें भी हुई हैं और पुलिस ने ऐसे लोगों को पकड़ा भी है। उन्होंने दावा किया कि जिन लोगों पर उन्होंने शिकायत दर्ज कराई है, उनमें से एक युवक का खेत पीड़ित लल्ली बटाई पर लिए हुए है, और इसी कारण उन्हें फंसाने का प्रयास किया गया है।
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