चित्रकूट। बारिश की वजह से मानिकपुर के अंतर्गत बरदहा समेत तरौंहा व मकरी पहरा में बने पुल के अप्रोच मार्ग धंसने व टूटने की खबरें छपने के बाद जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन मौके पर पहुंचे। निर्माण में लापरवाही मिलने पर कार्यदायी संस्था पर रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
पुलों के अप्रोच मार्ग बह जाने की खबर को अमर उजाला ने 14 जुलाई के अंक में आफत या लापरवाही-एक दिन की बारिश से तीन पुलों के एप्रोच मार्ग बहे नामक शीर्षक के साथ प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसको संज्ञान में लेकर डीएम, लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों व एसडीएम के साथ पुल पर पहुंचे। निरीक्षण में मिला कि पुल के दोनों तरफ तटबंध का कार्य हो गया था, किंतु तटबंध की सुरक्षात्मक का कार्य कराया जाना शेष था। इसमें कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम, सेतु निर्माण इकाई बांदा की लापरवाही सामने आई। इस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए कार्यदायी संस्था पर रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए। साथ ही समिति बना कर जांच करा रिपोर्ट शासन को भेजने की बात कही। एसडीएम मोहम्मद जसीम, अधिशासी अभियंता अखिलेश कुमार मौजूद रहे।
रास्ते से आवागमन हुआ बंद
फोटो नंबर-17-बघवारा के पास पुल का धंसा अप्रोच मार्ग
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। भारी बारिश होने से भौंरी क्षेत्र के वाल्मीकि नदी के ऊपर बने पुल के एप्रोच मार्ग धंस गया।इससे भौंरी से राजापुर रोड तक जाने वाली सड़क से बडे़ वाहनों का आवागमन बंद हो गया है। इसके पहले जिले के मानिकपुर क्षेत्र, मुख्यालय के तरौंहा व पहाड़ी के मकरी गांव में बने पुल का एप्रोच मार्ग बह गया था। धंसने के साथ ही दरार आ गई थी। इसको लेकर किए गए कार्य को लेकर विपक्षी दल के नेता सवाल उठाने लगे हैं। भौंरी से राजापुर रोड जाने वाली सड़क में वाल्मीकि नदी के ऊपर बघवारा गांव के पास 10 करोड़ की लागत से पुल का निर्माण कार्य किया गया था। पुल का अभी लोकार्पण नहीं किया गया। वल्कि आम जनता के लिए खोल दिया गया था। रोड से बडे़ वाहन भी निकलते थे। बारिश होने से पुल का एप्रोच मार्ग धसने से बडे़ वाहनों के आने जाने से प्रतिबंध लगा दिया गया। सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष अनुज यादव व सपा के मान सिंह पटेल का कहना है कि जिले में करोड़ों की लागत से बनाए गए पुलों व बनाए गए एप्रोच मार्ग में घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया है। इससे अधिक बारिश होने से पुल के एप्रोच मार्ग धंस गए है। इसकी उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
इनसेट
पुल की दोनों और 20 से अधिक गांव बसे हैं। इसमें प्रमुख रूप से बगवारा, बसिला, ब्यास बन्ना, भुजौली, उन्नाव बन्ना, जमहिल, भौंरी सहित गोस्वामी तुलसीदास की जन्म स्थली राजापुर भी पड़ती है। इस रोड को बाईपास मार्ग भी कहा जाता है। एमपी सीमा से आने वाले ट्रक मानिकपुर होते हुए भौंरी -राजापुर रोड से निकलते है। रोड बंद होने से दूसरी रोड से ट्रक निकल रहे हैं।