फोटो- 19सीकेटीपी 05 देवांगना घाटी में आवास योजना में जमीन देखते डीएम व एसडीएम व अन्य। संवाद
चित्रकूट। मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना में जिले की देवांगना घाटी के पास एक नया शहर बसाने की तैयारी है। इसे करीब 12 हेक्टेअर में बसाया जाएगा। इस जमीन पर आवासीय और व्यावसायिक प्लाट विकसित किए जाएंगे। छह हेक्टेअर जमीन प्रशासन ने क्रय कर ली है। शेष जमीन किसानों से खरीदने की कवायद चल रही है।
मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की तपोभूमि धीरे-धीरे आध्यात्मिक और आर्थिक तौर पर संवर रही है, लेकिन यहां पर मध्यम वर्ग के लिए कोई आवासीय योजना नहीं है। जिस कारण लोगों को आवास सुविधा में दुश्वारी होती है। बहुतायत की संख्या में लोग यहां पर किराये के आशियाने में गुजर बस रहे हैं। इसे देखते हुए सरकार ने धर्मनगरी में सुनियोजित व सुव्यवस्थित विकास के लिए मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना लागू की है।
शहरी बाशिंदों को आवासीय सहूलियत देने के लिए इस योजना के तहत देवांगना घाटी के पास नया शहर बसाया जाएगा। इसके लिए 12 हेक्टेअर जमीन की आवश्यकता होगी। विभाग लक्ष्य के सापेक्ष आधी जमीन खोज चुका है। शेष छह हेक्टेअर भूमि तलाशने की कवायद चल रही है। जल्द ही उसे भी किसानों से क्रय कर लिया जाएगा। जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्लॉटों का वितरण शुरू होगा। यह परियोजना क्षेत्र में सुनियोजित शहरीकरण को बढ़ावा देगी। इससे भविष्य में बढ़ती आबादी की आवासीय जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
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लॉटरी से आवंटित होंगे आवासीय व प्रतिष्ठान
मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना में जमीन खरीदने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसमें प्लॉटिंग की जाएगी। इसमें 421 आवासीय प्लॉट निकालकर लोगों से ऑनलाइन आवेदन लिया जाएगा और फिर लाॅटरी के माध्यम से चयन किया जाएगा। इसी प्रकार 30 दुकानें व चार व्यवसायिक प्लॉट बनाने की भी योजना है। इसका भी चयन लॉटरी के माध्यम से होगा। उसके बाद चयनित लोग आवासीय भवन, दुकानें व व्यवसायिक भवन का निर्माण कर सकेंगें।
डीएम ने किया निरीक्षण
मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना में आवासीय व व्यावसायिक सुविधा के लिए डीएम पुलकित गर्ग एसडीएम अजय कुमार यादव के साथ मौका मुआयना कर चुके हैं। निरीक्षण में डीएम ने जमीन खरीदने की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। कहा कि जमीन खरीद कर आवासीय व व्यावसायिक प्लॉट बनाए जाएंगे और फिर लोगों से ऑनलाइन आवेदन लिए जाएंगे। इसके बाद लॉटरी के माध्यम से लोगों का चयन किया जाएगा।