फोटो 19सीकेटीपी 04 अगरहुंडा स्थित जल शोधन संयंत्र देखते ग्राम प्रधान व अन्य। संवाद
संवाद न्यूज़ एजेंसी मानिकपुर (चित्रकूट)। रैपुरा ग्राम समूह पेयजल योजना के तहत अगरहुंडा स्थित जल शोधन संयंत्र का ग्राम प्रधानों ने भ्रमण किया और वहां पर जलशोधन की प्रक्रिया जानी।
मानिकपुर विकास खंड की 48 ग्राम पंचायतों के प्रधानों को 29 एमएलडी क्षमता वाले संयंत्र की कार्यप्रणाली और जल शोधन की जानकारी दी। योजना का मुख्य उद्देश्य ग्राम स्तर पर जल संरक्षण और जल के अनावश्यक अपव्यय को रोकने के प्रति जागरूकता का संदेश देना रहा। योजना में 78 गांवों के 28925 घरों को नल कनेक्शन के माध्यम से पेयजल आपूर्ति प्रस्तावित है। वर्तमान में 61 गांवों में पेयजल आपूर्ति शुरू हो चुकी है।
शेष गांवों में परीक्षण और चालू करने का कार्य प्रगति पर है। सभी गांवों में 30 अप्रैल तक पेयजल आपूर्ति शुरू करने का लक्ष्य है। बताया कि गुन्ता बांध से कच्चा पानी लेकर अगरहुंडा स्थित संयंत्र में विभिन्न इकाइयों से शुद्ध किया जाता है। शुद्ध पेयजल स्वच्छ जल जलाशयों में एकत्र होता है। योजना में 882 किमी पाइपलाइन बिछाई गई है। इसे 11 स्वच्छ जल जलाशयों और 25 ओवरहेड टैंकों तक पंपिंग के माध्यम से भेजा जाता है, जिसके बाद संबंधित गांवों में पेयजल आपूर्ति होती है।