पहाड़ी (चित्रकूट)। शनिवार को ब्लाक के कई स्कूलों में ताले लटकते रहे। छुट्टी न होने के बाद भी बच्चों ने मौज की। इसकी वजह भी खास थी। ब्लाक में तैनात एबीएसए प्रमोद गुप्ता ने नांदी के हनुमान मंदिर में भंडारा किया था। और जाहिर है कि जब अफसर का भंडारा हो तो अध्यापक पढ़ाएंगे कि व्यवस्था देखेंगे।
शनिवार को कलवारा के प्राथमिक विद्यालय तरकिहापुरवा में पढ़ाई के समय बच्चे खेल रहे थे। स्कूल में ताला लटका था। जब इस प्रतिनिधि ने वजह पूछी तो बच्चों ने मासूमियत से बताया कि मास्टर साहब भंडारे में गए हैं और आज छुट्टी है। यहां मौजूद रंजीत, राजकरण, चंदन, मोहित, मनोज ने बताया कि स्कूल शुक्रवार को खुला था पर खाना नहीं बना था। इस संबंध में जब प्रधानाध्यापक से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने कहा, अरे भाई साहब, कुछ लिखिएगा नहीं वर्ना दिक्कत हो जाएगी। इसी तरह प्राथमिक विद्यालय रघुवंशीपुर के बाहर बच्चे खेल रहे थे। यहां भी ताला पड़ा था। बच्चों ने कहा कि स्कूल तो खुला नहीं पर यह भी नहीं बताया कि छुट्टी है कि नहीं। कुछ देर खेलने-कूदने के बाद बच्चे घर चले गए। पूर्व माध्यमिक विद्यालय कलवारा खुर्द में तो हाल और अजब था। वहां एक छात्र के पास चाभी थी। जब यह प्रतिनिधि वहां पहुंचा तो उसने स्कूल का ताला खोल दिया। रसोइए ने बताया कि आज की छुट्टी बताई गई थी, आपको देखा तो आ गई। प्राथमिक विद्यालय खेरिया में प्रधान पति रामसुमेर छात्रवृत्ति बंटवा रहे थे। उन्होंने बताया कि आज वजीफा बांटने का दिन है। उन्होंने सभी अध्यापकों को पहले से सूचना दे दी थी पर खेरिया के अलावा कहीं भी स्कूल खुले नहीं मिले। उन्होंने तरकिहापुरवा में अक्सर पढ़ाई न होने की शिकायत भी की।
इस संबंध में एबीएसए प्रमोद गुप्ता ने बताया कि उनकी तरफ से स्कूलों के अध्यापकों को भंडारे में आने का न्यौता तो दिया गया था पर किसी से स्कूल बंद करने को नहीं कहा था।