चित्रकूट। पूर्व सैनिक उमाशंकर का आरोप है कि पुलिस उसके भाई की हत्या के मामले में लीपापोती कर रही है। साथ ही कहा कि यदि पुलिस ने उचित कार्रवाई नहीं की तो हत्यारों को सजा दिलाने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगा।
पांच मई को रोडवेज के संविदा चालक दयाशंकर का शव टेलीफोन एक्सचेंज के पास मिला था। बड़े भाई उमाशंकर ने इस मामले में मऊ निवासी बसपा नेताओं मो. रईस उर्फ वैद्यजी और भोंदूलाल सविता पर हत्या का आरोप लगाया था। उमाशंकर ने कहा था कि उसके भाई का मऊ की एक महिला से संबंध थे। जब उसने महिला के घर पर दोनों को देखा तो इसका विरोध किया था। इसकी जानकारी उसको भी दी थी। आरोप लगाया कि महिला की मां का चरित्र ठीक नहीं है। इस वजह से दयाशंकर की आए दिन इन लोगों से तकरार होती थी। उसके भाई की हत्या में महिला की मां और दोनों नेताओं का हाथ है। पुलिस की अब तक की कार्रवाई से क्षुब्ध उमाशंकर ने गुरुवार को पत्रकारों को अपनी व्यथा बताई। उसने कहा कि पुलिस ने उसको शव सौंपकर कर्तव्य की इतिश्री कर ली। उसका कहना है कि उसके भाई को जहर देकर मारा गया था। कोतवाल मनोज कुमार कौशिक ने उस समय जांच का आश्वासन दिया था, पर सप्ताह भर बाद भी हत्यारों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। उसका कहना है कि दोनों बसपा नेता अब धमकी देते हैं। महिला की मां भी उसको फंसाने की बात कहती है। उसने बताया कि सदर विधायक वीर सिंह ने न्याय का आश्वासन दिया है।