सरैंया (चित्रकूट)। नहर फूट जाने से धान, ज्वार, बाजरा और अरहर के लगभग 20 बीघे खेत में लगभग चार फुट पानी भर गया। इनमें एक किसान का तो घर भी पानी में डूब गया है। इससे किसान का परिवार बेघर होकर सड़क पर आ गया है। लोगों का कहना है कि इस संबंध में कई बार अवर अभियंता से शिकायत की गई थी पर कोई सुनवाई नहीं की गई।
ओहन डैम से निकलने वाली नहर सेमरदहा गांव के पास फूट जाने से लगभग आधा दर्जन किसानों दल्हू, धउजन, रज्जी, पुल्ली, शिवशंकर की धान, ज्वार, बाजरा और अरहर की 20 बीघे की फसलों में चार फीट पानी लहराने लगा। गांव के अंसार खां की खेती के साथ घर भी पानी में डूब गया है। अंसार और प्रधान पति बब्बू राजपूत ने बताया कि लगभग 15 दिन पहले नहर से जल के रिसाव की जानकारी सिंचाई विभाग के नहर प्रखंड के अवर अभियंता को इसकी जानकारी दी थी। इसके बावजूद अवर अभियंता ने इस शिकायत पर कोई ध्यान नहीं दिया जिसके चलते किसानों की खेती नष्ट हो गई। अवर अभियंता के नंबर पर बात करने की कोशिश की गई तो फोन नाट रिचेबल बताता रहा।