चित्रकूट। लगातार दूसरे दिन श्रद्धालुओं को सड़क हादसे से जूझना पड़ा। सोमवार को जहां उड़ीसा के तीर्थयात्रियों की बस पलटने से चार लोगों की मौत हो गई थी वहीं मंगलवार को आस्थावानों से भरा ओवरलोड टेंपो पलटने से एक की मौत हो गई और एक ही परिवार के चौदह लोग घायल हो गए। चित्रकूट दर्शन कर वापस जाते समय बेड़ीपुलिया के पास ड्राइवर की लापरवाही से हादसा हो गया। कल जहां जिला अस्पताल में व्यवस्था बेहतर दिखी थी वहीं आज घायलों को कई घंटे तक चिक्तिसा मुहैया नहीं कराई जा सकी।
मंगलवार देर शाम बेड़ी पुलिया के पास ड्राईवर की लापरवाही से तेज रफ्तार टेंपो पलट गया। इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और 14 लोग बुरी तरह घायल हो गए। इनमें तीन की हालत गंभीर होने से रिफर कर दिया गया। टेंपो में संख्या से अधिक सवारियां बैठी थी। हरदौली निवासी आशाराम ने बताया कि 11 जनवरी को परिवार के 17 लोग इलाहाबाद कुंभ स्नान कर चित्रकूट दर्शन को आए थे। चित्रकूट घूमने के बाद सभी लोग रामघाट से टेंपो में बैठ कर रेलवे स्टेशन आ रहे थे। टेंपो की रफ्तार तेज होने से बेड़ीपुलिया के पास पलट गया जिसमें उसके नाना मुंशी (60) पुत्र शिवरतन की मौके पर ही मौत हो गई। उसने आरोप लगाया कि रात भर अस्पताल में रहने के बाद भी किसी डाक्टर ने घायलों को नहीं देखा। सुबह इलाज किया गया। घायलों में तीन लोगों की हालत बेहद खराब थी जिन्हें प्राइवेट गाड़ी से हमीरपुर रिफर करा लिया गया। उधर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया है।
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ये हुए घायल
हरिनारायण (38)(रिफर), मिडिया (40) (रिफर), ओमश्री (38) (रिफर), आशाराम (31), रामश्री (28), सुनीता (28), शिवदेवी (38), सुमित्रा (44), उमा (12), कुसमा (56), रामकली (50), तुलसीराम, होरीलाल (50)ू, बुद्दी (52)।
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पर सुधरते नहीं हैं टेंपो वाले
अमावस्या और अन्य पर्वों पर जिलाधिकारी तक टेंपो-टैक्सी चालकों को हिदायत जारी करते हैं पर इसका कोई असर होता नहीं। पिछली बार भी मौनी अमावस्या में आने वाली भीड़ के मद्देनजर जिलाधिकारी ने हिदायत दी थी टेंपो आदि पर अंकुश रखा जाए, निर्धारित सवारियां ही बैठाई जाएं, निर्धारित किराया वसूला जाए आदि, पर इनका असर नहीं हुआ। जाहिर है अगर नियम का पालन कराया जाए तो इस तरह की दुर्घटनाएं रोकी जा सकती हैं।