सीतापुर (चित्रकूट)। एक अच्छा लेखक एक अच्छा पत्रकार होता है, हमें पत्रकार बनने से पहले एक अच्छा लेखक बनना होगा। यह बात कहानी लेखन महाविद्यालय अंबाला छावनी की निदेशिका उर्मिकृष्ण ने कही। वह शनिवार को जगद्गुरु रामभद्राचार्य विकलांग विवि में चल रहे तीन दिवसीय पत्रकार लेखक शिविर के दूसरे दिन की मुख्य अतिथि थीं।
कार्यक्रम का आयोजन भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ और कहानी लेखन महाविद्यालय अंबाला छावनी ने किया है। उर्मिकृष्ण ने कहा कि भारत की आजादी में हिंदी पत्रकारिता का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। पत्रकारों को आलोचना एवं नकारात्मकता से बचना चाहिए तथा रचनात्मक कार्य करने चाहिए। डीएवी कन्या विद्यालय करनाल की हिंदी विभागाध्यक्ष ऊषालाल ने कहा कि महात्मा गांधी ने अपने समाचार पत्र मे भी इस बात का उल्लेख किया था कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है पर जब तक यह स्तंभ मजबूत नहीं होता तब तक सुधार की सभी संभावनाएं निराधार हैं। प्रमुख साहित्यकार सैनी अशेष ने आगाह किया कि पत्रकारिता के जमाने में दस्तूर हावी न हो पाए। पत्रकार न्याय, करुणा, सजगता एवं स्वतंत्रता से काम करें। आकाशवाणी नई दिल्ली के कार्यक्रम निदेशक हरि सिंह पाल ने पत्रकारिता को दुधारी तलवार बताया। उन्होंने कहा कि जरा सी लापरवाही घातक साबित हो जाएगी। कार्यक्रम में विवि कुलपति प्रो. बी पांडे का विशेष योगदान है, जिसकी सभी ने सराहना की। कार्यक्रम को सुभाष बंसल, संतोष कुमार निगम, भगवान प्रसाद उपाध्याय, शंकर प्रसाद यादव आदि ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता रमेश चंद्र पटेल ने की। प्रमुख रूप से राष्ट्रीय महासचिव रमाकांत त्रिपाठी, पंकज शर्मा, ममता शर्मा, विजय कुमार, महेंद्र कुमार मिश्रा आदि मौजूद रहे। संचालन मंडल अध्यक्ष राजेंद्र सिंह सिसौदिया ने किया।