चित्रकूट। तीर्थनगरी में पांच दिनों तक दीपावली मेले की धूम रही। दीपोत्सव के अंतिम दिन एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने मंदाकिनी नदी में स्नान कर दीपदान किया। कामदगिरि की परिक्रमा लगाकर धर्मनगरी क्षेत्र के विभिन्न तीर्थ स्थानों के दर्शन किए। इसमें स्थानीय लोगों की संख्या अधिक रही। पांच दिवसीय दीपदान मेले के अंतिम दिन गोवर्धन पूजा की गई। श्रद्धालुओं ने दीपदान करने के बाद कामदगिरि पर्वत की पूजा की। इसके बाद परिक्रमा लगाई। संतों-महंतों का दावा है कि मेला क्षेत्र में पांच दिनों में 90 लाख से अधिक दीये जलाए गए। आचार्य विपिन विराट महाराज ने दावा किया कि दीपदान मेले में 25 से 30 लाख श्रद्धालु आए। लगभग 90 लाख दीये तीर्थक्षेत्र में जलाए गए। मान्यता है कि हर श्रद्धालु दो से पांच दीये जलाता है। जानकीमहल के महंत सीताशरण महराज ने बताया कि पांच दिनों में 90 लाख दीये रामघाट से लेकर अन्य तीर्थक्षेत्र में श्रद्धालुओं ने जलाकर पुण्य कमाया।
गली-गली में दिखी लोक संस्कृति की झलक
उप्र चित्रकूट धाम तीर्थ विकास परिषद की ओर आयोजित दीपावली महोत्सव में गली-गली लोक संस्कृति की झलक देखने को मिली। कलाकारों ने धोबिया, जेहर, चुरकुला, राई नृत्य और भजन आदि कार्यक्रम प्रस्तुत किए। तुलसी शोध संस्थान परिसर में तुलसी उत्सव रघुनाथ गाथा, प्रमोदवन स्थित तुलसी मंच पर रामलीला का आयोजन किया गया। कलाकारों ने मेघनाद, रावण वध की लीला प्रस्तुत की। श्रीराम ने रावण का वध किया। विभीषण को लंका का राजा बनाया।
मेले में डटे रहे अफसर
पांच दिवसीय दीपोत्सव सकुशल संपन्न कराने के लिए मेला क्षेत्र में डीएम शिवशरणप्पा जीएन व एसपी अरुण कुमार सिंह, सीडीओ अमृतपाल कौर, अपर एसपी चक्रपाणि त्रिपाठी, एडीएम उमेश चंद्र निगम, एसडीएम पूजा साहू सहित अन्य अधिकारी रात दिन डटे रहे। मेला क्षेत्र में कोई बड़ी अनहोनी नहीं हुई। पुलिस जवानों के साथ ही गोताखोर लगाए गए थे। उधर, सतना डीएम अनुराग वर्मा व एसपी आशुतोष गुप्ता ने लगातार मेला क्षेत्र में निरीक्षण किया।