आधार कार्ड बनवाना बना मुसीबत
अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। आधारकार्ड बनवाना ग्रामीण सहित शहर के वाशिंदों के लिए खासा मुसीबत साबित हो रहा है। जिले के जनसेवा केंद्र सरकार की तरफ से बंद कर दिए गये हैं। कुछ बैंकों एक कर्मचारी को गेट के बाहर बैठाकर आधारकार्ड बनवाएं जा रहे हैं। ग्रामीण गांव छोड़कर तीन दिन से शहर में ही पडे़ हुए हैं। उनको डर सता रहा है कि 25 जून तक आधार कार्ड नहीं बना तो राशन कार्ड से नाम काट दिया जाएगा। साथ उनके बच्चे व महिलाएं भी परेशान हो रहे हैं।
सरकार आधारकार्ड बनाना सभी के लिए अनिवार्य तो कर दिया है लेकिन आधारकार्ड बनाने की सुविधा के लिए खोले गये जनसेवा केंद्र बंद कर दिए गये हैं। एक समय इन केंद्रों के प्रभारियों को कई दिन तक ट्रेनिंग देने के बाद सेवा केंद्र शहर सहित कस्बों, ग्रामीण क्षेत्रों में खोले गये थे। जिनको मई माह बंद कर दिया गया था। जिसकी व्यवस्था बैंकों में कर दी है। जिसमें स्टेट बैंक की शाखाओं में ही आधारकार्ड बनाए जा रहे हैं। जहां सुबह से आधाकार्ड बनवाने के लिए लंबी लाइन लग जाती है। जिसमें महिलाएं व बच्चें भी शामिल रहते हैं। अपर जिलाधिकारी विजय नारायण ने बताया कि शिकायतें मिलने के कारण जनसेवा केंद्र बंद कर दिए गये हैं। आधार क ार्ड बनवाने की व्यवस्था फिर हाल बैंकों में की गई है।
दो दिनों से शहर में ही गुजर रही रात
चित्रकूट। शहर के स्टेट बैंक की शाखा में खुले केंद्र में आधारकार्ड बनवाने आए लौढ़िया खुर्द गांव के भागरथी, पहलवान, कपना के जीवनलाल, इटखरी की विमला, सीतापुर ग्रामीण की राधा, आदि ने बताया कि आधार कार्ड बनाने के लिए दो से तीन दिन लग रहे । प्राइवेट सेवा केंद्र बंद हो गये हैं। शहर में दो दिनों से आधारकार्ड बनवाने के लिए बच्चों सहित पड़े हैं। मानिकपुर के कस्बे के रमाशंकर ने बताया कि उमरी में खुले बैंक में आधार कार्ड बनवाने की सुविधा हैं। अधिक भीड़ होने के कारण वह लोग शहर में आधारकार्ड बनवाने के लिए आए हैं।