चित्रकूट। मऊ तहसील क्षेत्र में प्रस्तावित 800 मेगावाट क्षमता के अल्ट्रा मेगा सोलर पावर पार्क बनाने के लिए अब किसानों से 300 एकड़ जमीन ली जाएगी। जमीन लेने के लिए 100 काश्तकार चयनित किए गए हैं। इनसे जमीन अधिग्रहण के लिए प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने को नवीन व नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने 18 अगस्त 2021 को भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट के मऊ में 800 मेगावाट का सौर ऊर्जा पार्क स्वीकृत किया था। टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड और यूपी नेडा के संयुक्त उपक्रम टुस्को लिमिटेड द्वारा इस करीब 3600 एकड़ जमीन पर अल्ट्रा मेगा सोलर पावर पार्क विकसित किया जाना है। इस परियोजना के लिए 4700 करोड़ बजट प्रस्तावित किया था।
एनआरईएल की ओर से सोलर पैनल लगाने को मेसर्स विक्रान इंजीनियरिंग लिमिटेड और स्टार्लिंग रिन्यूएबल एनर्जी को आवंटित किया, जिसमें से मेसर्स विक्रान इंजीनियरिंग लिमिटेड ने स्थल पर कार्य शुरू कराए। परियोजना स्थल पर बाउंड्री फेंसिंग, आंतरिक सड़क, ड्रेनेज सिस्टम, प्रशासनिक भवन और अग्निशमन केंद्र का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। अब तक लगभग 35 किमी बाउंड्री फेंसिंग हो चुकी है।
इस परियोजना में जमीन की कमी बाधा बनी है, हालांकि 3600 एकड़ के सापेक्ष 3300 एकड़ जमीन जुटाई जा चुकी है। करीब 300 एकड़ जमीन कम पड़ रही है। इसे देखते हुए प्रशासन किसानों से जमीन लेने में जुटा है। ऐसे में अब ग्रिड सब स्टेशन (जीएसएस) निर्माण यूपीपीटीसीएल द्वारा शेष भूमि मिलने के बाद शुरू किया जाएगा।
टुस्को लिमेटेड के उप महा प्रबंधक जितेंद्र नाथ सिंह ने बताया कि 800 मेगावाट सौर ऊर्जा पार्क के लिए पाठा क्षेत्र के 15 गांवों खरगदाह, छटैनी माफी, मनका छटैनी, गहुर, कोटवा माफी, डोंडिया माफी, कटैया डांडी, छारेहारा, चाचोखर, उसरी माफी, बरगढ़, अटारी मजरा, गोइया कलां, गोइया खुर्द और सेमरा में भूमि चिह्नित की गई है। यह भूमि 30 वर्षों के लिए पट्टे पर ली जा रही है। शेष 300 एकड़ भूमि मिलने के बाद सौर प्लेटों के विस्तार का कार्य तेजी से किया जा सकेगा और परियोजना अपने निर्धारित लक्ष्य की ओर आगे बढ़ेगी।