फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नदियां हो रहीं निर्जल, संसद फिर भी मौन...

विज्ञापन
विज्ञापन
कवि सम्मेलन में दिवंगत प्रख्यात कवि नीरज को दी श्रद्धांजलि
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। भारतीय साहित्यिक संस्थान धर्मनगरी के रामघाट पर कवि सम्मेलन का आयोजन किया। जिसमें कवियों ने मंदाकिनी प्रदूषण पर काव्य पाठ किया। कार्यक्रम में पद्म विभूषित कवि गोपाल दास नीरज के निधन पर उन्हें श्रद्धांजलि भी दी।
विज्ञापन

काव्य गोष्ठी में कवि डा.वीपी सिंह ने जलधर मां मंदाकिनी आज हमको बुलाती है। घवल निर्मल जल तरंग पूर्व की है जो आती गीत सुनाती। नदिया निर्जल हो रही, संसद फिर भी मौन जलते जग की प्यास बुझा सकेगा कौन। कवि प्रयाग नारायण अग्रवाल ने मां मंदाकिनी परमार्थ है सत्यं शिव सुंदरम की उत्तरार्थ हैं। कवि श्री नारायण तिवारी ने रोना मत फूट-फूट जागा है मां तेरे बेटे देंगे बढ़ के सहारा। गोष्ठी में समाज सेवी योगे जैन ने मंदाकिनी नदी के प्रदूषण दूर करने के लिए मानवाधिकार द्वारा की जा रही कार्रवाई की जानकारी दी। बताया मप्र क्षेत्र में बने नदी बने छोटे पुलों को हटा दिया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के संरक्षक भालेंदु कुमार सिंह ने किया संचालन महासचिव प्रियंक प्रियदर्शन व मनोज द्विवेदी ने कि या इस मौके पर कार्यक्रम में गजल गायक संदीप श्रीवास्तव, पीयूष कुमार द्विवेदी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें