चित्रकूट समेत सूबे के पांच जिलों में अत्याधुनिक
सुविधाओं वाले 200 बेड के नए अस्पताल खोले जाएंगे। सरकार ने उन जिलों का
चयन किया है, जो काफी पिछड़े हैं।
इन जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं
का बुरा हाल है। प्रदेश सरकार ने इन अस्पतालों को खोलने के लिए केंद्र
सरकार से भी मदद मांगी है। केंद्र को इन अस्पतालों की विस्तृत प्रोजेक्ट
रिपार्ट (डीपीआर) भेज दी है। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद इन अस्पतालों
का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
प्रदेश सरकार ने जिन पांच जिलों को
चुना है उनमें चित्रकूट, लखीमपुर खीरी, अंबेडकरनगर, अमेठी और सोनभद्र
शामिल हैं। सरकार ने इन जिलों को इसलिए चुना है, क्योंकि यहां स्वास्थ्य
सुविधाएं अच्छी नहीं थी। इन जिलों के मरीजों को दूसरे जिलों में इलाज के
लिए जाना पड़ता है।
इसी दिक्कत को देखते हुए प्रदेश सरकार ने इन जिलों में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं वाले अस्पताल खोलने का निर्णय लिया है।
प्रमुख
सचिव स्वास्थ्य अरविंद कुमार ने बताया कि पांच जिलों में 200-200 बेड के
अस्पताल खोले जाएंगे। ये अस्पताल नेशनल हेल्थ मिशन के तहत खोले जाने की
योजना है। केंद्र से हरी झंडी मिलने के बाद इन अस्पतालों के निर्माण के लिए
टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे। इस बार इन अस्पतालों का निर्माण ‘टर्नकी’ आधार
पर करवाया जाएगा।
दरअसल, टर्नकी आधार पर टेंडर आमंत्रित करने
से बाद में उपकरण व फर्नीचर खरीद से लेकर अन्य चीजों के लिए अलग-अलग टेंडर
आमंत्रित नहीं करने पड़ेंगे। इसके जरिये पूरा अस्पताल फिनिश मिलेगा। इसमें
उपकरण से लेकर सारी सुविधाएं एक ही टेंडर लेने वाली एजेंसी ही मुहैया
कराएगी। टर्नकी आधार पर प्रोजेक्ट का निर्माण कराने से अस्पताल काफी जल्दी
बन जाएंगे।