फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

170 घंटे से ज्यादा समय बीता हवा हवाई दावा

विज्ञापन
विज्ञापन
ट्रेन डकैती : 170 घंटे से ज्यादा बीता, दावा हवाहवाई
विज्ञापन


अमर उजाला ब्यूरो
मानिकपुर(चित्रकूट)। मुंबई-हावडा रेलमार्ग के पनहाई-डभौरा स्टेशन के बीच गंगा कावेरी एक्सप्रेस में लाखों की डकैती के मामले में 170 घंटे से ज्यादा समय बीतने के बाद भी पुलिस के पास सफलता के नाम पर कुछ नहीं है। झांसी क्राइम टीम ने जीआरपी व आरपीएफ टीम के साथ कई स्थानों पर छापेमारी कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने दावा किया कि कई ठोस सबूत व सुराग हाथ लग गए हैं। जिनकी तलाश कर मामले का खुलासा कर देंगे। बताया कि डकैती के तार चित्रकूट जिले ही नहीं बल्कि शंकरगढ़ डभौैरा सतना व इलाहाबाद तक जुडे़ हैं।
बीते रविवार की देर रात लगभग सवा एक बजे नकाबपोश डकैतों ने चेन्नई से पटना जा रही ट्रेन को पनहाई के पास सिग्नल रेड कर फिर चेन पुलिंग कर रोका। पांच स्लीपर कोच में मारपीट कर बीस लाख की डकैती डाली थी। अब एक सप्ताह बाद हो गए लेकिन पुलिस किसी भी आरोपी को नहीं दबोच सकी है। इस डकैती में कई बार कुख्यात डाकू बबुली कोल गैंग फिर डाकू साधना पटेल गैंग का नाम आया लेकिन बाद में जीआरपी व आरपीएफ के अधिकारियों ने इन गैंग का हाथ होने से इंकार कर दिया। अब ट्रेन में चलने वाले वेंडर व उनके सहयोगियाें समेत पुराने अपराधियों का रिकार्ड खंगाला जा रहा है।
विज्ञापन

जीआरपी आईजी बीआर मीणा ने बताया कि इस घटना में अंतर्राज्यीय गैंग के शामिल होने की पूरी संभावना है। इसके लिए कई अन्य प्रांतों के साथ ही मानिकपुर के आस पास डभौरा, पनहाई, शंकरगढ़, इलाहाबाद, कौशांबी के भी लोगों के शामिल होने की संभावना है। इस डकैती का खुलासा करने के लिए चार और टीमें लगाई गई हैं। पहले से पांच टीमें काम कर रहीं हैं। झांसी क्र्राइम ब्रांच की दो टीमों ने पुराने अपराधियों की धरपकड़ के लिए छापेमारी की है। जल्द ही इसका खुलासा होगा।

कई ठोस सबूत व सुराग मिले
चित्रकूट। ट्रेन डकैती का खुलासा करने में जुटी पुलिस टीमों के पास कई अहम सुराग मिले हैं। खासकर सतना स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल टावर के पास सर्विलांस से कई संदिग्धों के नाम आए हैं। इसके लिए पुरानी फाइल भी खोली जा रही है। जीआरपी एसपी पीके मिश्रा ने बताया कि ट्रेनों में चलने वाले सिपाहियों के भी रिकार्ड को खंगाला जा रहा है। इसके अलावा ट्रेन में सुरक्षा के लिए नियमित रूप से स्कार्ट को चेक भी किया जा रहा है।
विज्ञापन


मानिकपुर में फिर हुई मीटिंग
मानिकपुर। रविवार को आईजी जीआरपी बीआर मीणा ने एसपी पीके मिश्रा के अलावा जीआरपी प्रभारी सुनील सिंह, आरपीएफ प्रभारी ओंकार त्रिपाठी व क्राइम बांच के हरिशरण सिंह ने फिर सारे सबूतों व सुराग को लेकर संयुक्त बैठक की। जिसमें सबूतों को एक दूसरे से मिलान करने का प्रयास किया गया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें