डीएम के निर्देशों के बाद भी अधिकारी तहसील दिवस में आने वाली समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहे। त्वरित निस्तारण का आदेश हवा हवाई ही साबित हो रहा है। अधिकांश फरियादी खाली हाथ ही लौट जाते हैं। मंगलवार को आयोजित तहसील दिवस में फिर यही तस्वीर उभरी। 171 मामलों में सिर्फ 4 शिकायतों का मौके पर समाधान हो सका। जबकि न्याय की उम्मीद लेकर आए 167 फरियादी निराश ही लौट गए।
मुख्यालय में आयोजित तहसील दिवस में डीएम नीलम अहलावत, एसपी पवन कुमार, सीडीओ मुजाहिदुल अहसन सहित अन्य अधिकारियों ने जनता की समस्याएं सुनीं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 20 विकलांगों के और 11 रियायती प्रमाण पत्र बनाए गए। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तहसील दिवस में आए शिकायती प्रार्थना पत्रों और पूर्व में लंबित प्रार्थना पत्रों का तत्काल निस्तारण करें। उन्होंने अधिकारियों को सचेत कर कहा कि यह सुनिश्चित करें कि कोई भी प्रार्थना पत्र लंबित न रहे। लेकिन इस बार भी 171 शिकायतों में मात्र चार का ही निस्तारण हो सका।
अन्य फरियादी एक सप्ताह में शिकायत निस्तारित होने का आश्वासन लेकर लौट गए। मौके पर मुख्य चिकित्साधिकारी डा केडी द्विवेदी, एसडीएम कर्वी रजनीश मिश्रा, जिला विकास अधिकारी अजितेेंद्र मिश्रा, डीसी मनरेगा सेवाराम चौधरी, तहसीलदार एके सिंह, एक्सईएन जल निगम जेपी सिंह, नगर पालिका इओ लालचंद सरोज, जिला उद्यान अधिकारी राकेश कु मार सहित सभी विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।