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डेड जोन की ओर बढ़ रही गांवों के तट से गुजरी मंदाकिनी

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चित्रकूट। क्षेत्र के दर्जनों गांव के तट से मंदाकिनी नदी गुजरती है। इस साल गर्मी आने से कई गांवों के पास नदी पूरी तरह से सूख गई है। जिससे ग्रामीणों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। देवल गांव के पास नदी में बनाएं गए छोटा बांध से आगे के गांवों मेें पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
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मप्र क्षेत्र के सती अनुसइया आश्रम के पास से निकली मंदाकिनी नदी सैकड़ों गांव से गुजरती हुई राजापुर स्थित यमुना नदी में मिल जाती है। इस साल अधिक गर्मी पड़ने से नदी की जलधारा के प्रवाह में कमी आ गई है। इससे पहाड़ी क्षेत्र गांवों के पास नदी पूरी तरह से सूख गई है। जिसमें देवल, सिधौली, सगवार, भानपुर, के पास नदी पूरी तरह से सूखी है। देवल के पास नदी के पानी को रोकने के लिए बनाए गए छोटे बांध के कारण आगे के गांवों में भी पानी नहीं बढ़ पाता है। क्षेत्र के ग्रामीण कैलाश सिंह, विवेक सिंह, कमलेश कुमार आदि का कहना है कि नदी की खुदाई कराकर नदी में बने बांध को हटाया जाए। जिससे नदी की धारा आगे आसानी से बढ़ सके।
मंदाकिनी नदी डेड जोन में चली जाएगी
चित्रकूट। पर्यावरणविद गुंजन मिश्र ने पहाड़ी क्षेत्र के उन गांव में जाकर देखा तो पाया कि मंदाकिनी नदी डेड जोन की ओर तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि भूमिगत जल का दोहन एवं प्रदूषण की मात्रा कम नहीं हुई तो मंदाकिनी नदी में जो कुछ पानी बचा हुआ वह भी पूरी तरह सूख जाएगा। मंदाकिनी डेड जोन में चली जाएगी । यह बात उन गांव वालों से भी प्रमाणित हो जाती है जहां कभी नदी में बहा करने वाली मंदाकिनी नदी अब पूरी तरह सूखने की स्थिति में है।
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नहीं होता सार्थक प्रयास
वैसे तो मंदाकिनी नदी में शहर व आसपास के इलाकों में पानी है लेकिन बंधोईन से महज पांच किमी आगे जाने के बाद इसकी हकीकत सामने आने लगती है। कभी जिन स्थानों पर नदी बहती थी वहां से ग्रामीण पैदल व चार पहिया वाहन से गांव आने जाने लगे हैं। ग्रामीण बताते हैं कि सिर्फ बारिश के दौरान कुछ दिनों तक यहां नदी बहती है इस दौरान कभी भी जल संरक्षण अथवा नदी के सकरे हो चले रास्तों को चौड़ा व गहरा कराने का प्रयास नहीं होता।

जगी कुछ उम्मीद
जीवनदायनी को बचाने के लिए वैसे तो समय समय पर समाजसेवी अजीत सिंह, अरुण गुप्ता, अभिमन्यु सिंह आदि प्रयास करते हैं लेकिन यह सब शहरी क्षेत्र के ही आसपास तक है। अब जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर ने ग्रामीण क्षेत्रों से गुजरने वाली मंदाकिनी नदी के सूखने के कारण की समीक्षा कर अभियान चलाया है। बंधोईन के आगे से लेकर पहाड़ी तक के जिन गांव किनारे से मंदाकिनी गुजरती थी और एकदम सूखा स्थान नजर आता है वहां बारिश के पूर्व खुदाई व सफाई कराने के आदेश दिए हैं। इससे उम्मीद हो गई है कि इस बार की बारिश से इन नदी के रास्तों में पानी ज्यादा दिन तक ठहरेगा जिससे भूगर्भ जलस्तर भी बढ़ेगा।
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