चित्रकूट। त्योहारों से पहले बाजारों में मिलावटखोर सक्रिय हो गए हैं, लेकिन खाद्य विभाग की कार्रवाई में ढिलाई से उन पर कोई लगाम नहीं लग पा रही है। पिछले दो वर्षों में खाद्य पदार्थों के 138 नमूने जांच में फेल पाए गए हैं, बावजूद इसके अब तक किसी भी दोषी पर न तो जुर्माना लगा और न ही जेल भेजने की कार्रवाई हुई है। रंगों के पर्व होली के नजदीक होने के कारण मिलावट का खतरा बढ़ गया है।
खाद्य विभाग ने बीते साल 1 अप्रैल 2025 से 20 फरवरी 2026 तक एक अभियान चलाया था। इस दौरान 675 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया और 140 नमूने लखनऊ प्रयोगशाला भेजे गए। इनमें से 45 नमूने जांच में फेल पाए गए। वर्ष 2024-25 में भी 258 नमूने लिए गए थे, जिनमें से 93 नमूने फेल थे। इन दोनों वर्षों के कुल 138 मामलों में अब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं हो सका है। यह प्रशासनिक ढिलाई मिलावटखोरों के हौसले बुलंद कर रही है। मिलावट के मामलों में सैंपल जांच, रिपोर्ट, नोटिस, सुनवाई और न्यायालयीन प्रक्रिया में दो साल से अधिक का समय लग जाता है। इसी देरी का फायदा उठाकर मिलावटखोर त्योहार दर त्योहार खुलेआम कारोबार कर रहे हैं।
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होली पर सबसे ज्यादा खपत वाले उत्पाद खतरे में
होली पर मावा, गुजिया, पनीर, खोआ, तेल और रंगीन पेय पदार्थों की खपत सबसे अधिक होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि इन्हीं उत्पादों में कृत्रिम रंग और रसायन जैसी मिलावट की शिकायतें अधिक मिलती हैं। ये मिलावटी पदार्थ पेट, यकृत और गुर्दा से जुड़ी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं। स्थानीय नागरिकों ने इन उत्पादों की विशेष जांच की मांग की है।
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बोले जिम्मेदार
मिलावटखोरों पर लगाम लगाने के लिए निरंतर नमूने लिए जाते हैं और दुकानदारों को हिदायत भी दी जा रही है। न्यायालय में मामलों का निस्तारण होना है, जल्द ही मिलावटखोरों को सजा मिलेगी।- शशांक त्रिपाठी, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग।
चार दुकानों में छापा मार भरे नमूने, सरसों का तेल सीज
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। बाजार में मिलावटी सामानों की बिक्री पर अंकुश लगाने को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने मंगलवार को चार दुकानों पर छापेमारी में एक प्रतिष्ठान पर सरसों तेल संदिग्ध मिला। जिस पर नमूना लेते हुए उसे सीज करने की कार्रवाई की। अभियान में पांच नमूने लिए गए, जिन्हें जांच के लिए लैब भेजा गया। सहायक आयुक्त (खाद्य) शशांक त्रिपाठी की अगुवाई में टीम खोही स्थित चित्रकूट डेयरी उद्योग में छापा मारा और पनीर व दूध का नमूना लिया।
कारोबारी मनीष त्रिवेदी से जानकारी ली। बाद में सीतापुर स्थित प्रांशु डेयरी पहुंचे, वहां से पनीर का नमूना लिया। यहां से धनुष चौराहा स्थित बनारसी स्वीट एंड रेस्टोरेंट पहुंचे। वहां बर्फी का नमूना लिया। इसके अलावा मऊ क्षेत्र के मैकी मोड देऊधा स्थित केसरवानी किराना स्टोर में छापा मारा। यहां सरसों के तेल का नमूना भरा। संदिग्ध मिलने पर तीन टीन तेल सीज किया। कारोबारी राजाराम को चेतावनी दी। इसके अलावा कर्वी से बांदा सड़क, रामघाट सड़क व रामघाट स्थित कई दुकानों की जांच की गई। सहायक आयुक्त ने बताया कि लिए गए नमूनों को परीक्षण के लैब भेजा जाएगा। इस मौके पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी रत्नाकर सिंह, विनय कुमार मौजूद रहे।