चित्रकूट। जिले की शस्त्र व कारतूस की दुकानों में सुरक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे ही है। आठ दुकानों में सिर्फ दो दुकानें ऐसी हैं जिसमें सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। यह भी इत्तेफाक है कि कुल आठ में सिर्फ तीन दुकान ही खुलती हैं शेष पांच में ताला जड़ा रहता है। नियमानुसार किसी भी दुकान में दुकानदार निजी सुरक्षा गार्ड नहीं रखे हैं।
जिले में शस्त्र लाइसेंस की सबसे ज्यादा मांग है। सरकारी रिकार्ड के अनुसार जिले में कुल दस हजार 359 लाइसेंसधारक हैं। जिसमें सबसे ज्यादा दोनाली के लाइसेंस हैं। लाइसेंसधारकों को कारतूस खरीदने में खासी मशक्कत करनी पड़ती है क्योंकि आठ दुकानों में पांच बंद रहती है। मुख्यालय के शंकर बाजार की राजपूत गन हाउस में शस्त्र व कारतूस बेचने का लाइसेंस है। यहां सीसीटीवी कैमरा लगा है लेकिन प्राइवेट सुरक्षाकर्मी नहीं है। मऊ सीओ विनीत कुमार ने बताया कि क्षेत्र में दो दुकानें हैं जिनको सिर्फ कारतूस बेचने का अधिकार है। नारायण की दुकान में सीसीटीवी कैमरा लगा है जबकि दूसरे में नहीं है। दोनों में प्राइवेट सुरक्षाकर्मी नहीं हैं। जिसके लिए दुकानदारों को कहा गया है। इन दुकानों में सिर्फ कारतूस बेचने का लाइसेंस है। राजापुर की शस्त्र दुकान में न तो सीसीटीवी कैमरा है और न सुरक्षाकर्मी हैं। अपर पुलिस अधीक्षक बलवंत चौधरी ने बताया कि सभी दुकानों में सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया जा रहा है। जल्द ही सभी दुकानों में सीसीटीवी लगवाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
किसी दुकान में नहीं सुरक्षा गार्ड सिर्फ दो में सीसीटीवी कैमरा
- जिले की आठ दुकानों में पांच पर लगा रहता ताला
- जिले में दस हजार 359 शस्त्रधारक