अब पृथक बुंदेलखंड राज्य बनने में देरी नहीं होनी चाहिए। फिल्म अभिनेता व निर्माता राजा बुंदेला ने बुंदेलखंड क्षेत्र के जन प्रतिनिधियों की मंशा व कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। कहा कि दशकों से उपेक्षित बुंदेलखंड पर सरकारें मेहरबान हैं लेकिन जन प्रतिनिधि जनता के हित को ध्यान में नहीं रख रहे हैं। पृथक राज्य के लिए अब जनता को स्वयं जागरूक होना पड़ेगा।
खजुराहो में होने वाले फिल्म फेस्टिवल कार्यक्रम की जानकारी देने आए फिल्म अभिनेता राजा बुंदेला ने गणेश बाग में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पृथक बुंदेलखंड राज्य के लिए कई हस्तियों ने कुर्बानी दी है लेकिन यह लड़ाई अभी तक वैचारिक बनी है। इसमें यूपी एमपी वाले बुुंदेलखंड के जन प्रतिनिधियों का बराबर सहयोग नहीं मिलता है
। उन्होंने कहा कि वह भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह व केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह से मिल चुके हैं। सभी ने आश्वासन दिया। अब तक बने छोटे राज्यों से ज्यादा बुंदेलखंड में पर्यटन व धार्मिक स्थल हैं जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है।
धर्म नगरी के हवाई अड्डे को विकसित कराया जाए तो यहां भी विदेशी व देश के अन्य प्रांतों से लोग आएंगे। बुंदेला ने गुजरात चुनाव में चल रहे संग्राम पर कुछ भी बोलने से इंकार किया।
इस मौके पर बुंदेली सेना के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह, आरिफ शहडोली व विराग तिवारी आदि मौजूद रहे।
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इनसेट
निर्माता व करणी सेना दोषी
चित्रकूट (ब्यूरो)। आजकल विवादित बन चुकी फिल्म पदमावती के रिलीज को लेकर चल रहे विवाद पर फिल्म अभिनेता/निर्देशक राजा बुंदेला ने कहा कि इसके लिए निर्माता संजय लीला भंसाली और विरोध करने वाली करणी सेना दोनों दोषी हैं। इतिहास को तोड़ मरोड़ कर पेश किया जाना गलत है।
यदि इतिहास से इसका मामला नहीं है तो इसका नाम पदमावती नहीं रखना चाहिए और यदि है तो इसे किसी और को फिल्म दिखाने की बजाए सेंसर बोर्ड को भेजनी चाहिए था। जिससे सही निर्णय हो पाता। करणी सेना के विरोध का तरीका गलत है। हिंसात्मक आंदोलन से जनता की संपत्ति का नुकसान होता है, सरकार व फिल्म निर्माता का कुछ नहीं बिगडे़गा।