चित्रकूट। नाबालिग से दुष्कर्म में विशेष न्यायाधीश रेनू मिश्रा ने 10 वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 10 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है।
सात जनवरी 2019 को रैपुरा थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग बेटी के साथ अगरहुंडा गांव के निवासी सुखराम उर्फ सुखउवा ने दुष्कर्म किया। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया था। साथ ही न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था।
शुक्रवार को बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश ने इस मामले में निर्णय सुनाया। इसमें दोष सिद्ध होने पर सुखराम उर्फ सुखउवा को 10 वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई।