पुलिस के अनुसार, युवक की पहचान कानपुर के साकेत नगर निवासी हर्षित वर्मा के रूप में हुई है। मृतक के पास से मिले मोबाइल फोन के आधार पर परिजनों को सूचना दी गई, जिसके बाद परिवार के लोग कोतवाली पहुंचे। परिजनों ने युवक की हत्या किए जाने की आशंका जताई है। मृतक के चाचा विनोद कुमार वर्मा ने बताया कि हर्षित पिछले चार दिनों से लापता था। परिवार की ओर से वाराणसी के लंका थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। हर्षित बनारस में काम करता था और होली के दौरान अपने एक मित्र अंकित मिश्रा के साथ घर आया था। इसके बाद वह वापस बनारस गया, लेकिन शुक्रवार से उसका फोन बंद हो गया था।
परिजनों के अनुसार शनिवार को वे बनारस पहुंचकर उसकी तलाश करते रहे, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। रविवार को उसके मोबाइल से कॉल आने पर उम्मीद जगी, लेकिन बाद में पता चला कि फोन मुगलसराय कोतवाली में है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक राजेश मिश्रा ने बताया कि मामले में आगे की जांच वाराणसी के लंका थाने की पुलिस द्वारा की जाएगी, जहां पहले से गुमशुदगी दर्ज है।
इनसेट:
बेटिंग से जुड़ रहा मामला
मृतक के मोबाइल से मिले कुछ वॉयस नोट्स ने मामले को और संदिग्ध बना दिया है। परिजनों के अनुसार वॉयस नोट्स में हर्षित ने कुछ लोगों पर बेटिंग के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है और अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। इसमें भदोही निवासी सत्यम दुबे सहित प्रांजल दुबे, अंकित मिश्रा, करन पांडे और उत्कर्ष पाठक के नाम सामने आए हैं।