चंदौली में विंध्य एक्सप्रेस के विरोध में प्रदर्शन करते किसान। स्रोत:-जागरूक पाठक
चंदौली। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले विंध्य एक्सप्रेसवे परियोजना के विरोध में शुरू की गई किसान क्रांति-खेती बचाओ रथयात्रा दूसरे दिन भी गांव-गांव पहुंची। सोमवार को परेवा गांव से आगे बढ़ी यात्रा ने बरठी, चारी, चिरईगांव, महूजी, रामपुर, बरहनी, लक्ष्मणपुर, बकौड़ी और ओयड़चक समेत कई गांवों का भ्रमण किया। इस दौरान किसान नेताओं ने ग्रामीणों से संवाद कर परियोजना के विरोध में एकजुट होने और 10 अगस्त को प्रस्तावित किसान क्रांति पंचायत में शामिल होने का आह्वान किया।
संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजक मणिदेव चतुर्वेदी ने कहा कि रथयात्रा को प्रत्येक गांव में किसानों और ग्रामीणों का व्यापक समर्थन मिल रहा है। उन्होंने दावा किया कि जिन गांवों की भूमि परियोजना में अधिग्रहित नहीं हो रही है, वहां के किसान भी आंदोलन के समर्थन में आगे आ रहे हैं।
संयोजक मणिदेव चतुर्वेदी ने कहा कि विंध्य एक्सप्रेसवे परियोजना से बड़ी संख्या में किसान भूमिहीन हो जाएंगे। उनका आरोप है कि कृषि प्रधान चंदौली में खेती ही अधिकांश परिवारों की आजीविका का मुख्य साधन है, इसलिए किसानों की सहमति के बिना भूमि अधिग्रहण उचित नहीं है।
रथयात्रा में अशोक सिंह, श्रवण मौर्य, मणिदेव चतुर्वेदी, राम प्यारे, सुमंत सिंह अन्ना, राम नारायण यादव, अंगद मौर्य, बाबूलाल यादव, जितेंद्र सिंह, परमहंस यादव, नरेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान नेता और ग्रामीण शामिल रहे।