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विद्यार्थियों की छूटी लिखने की आदत, परीक्षा में आ रही दिक्कत

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पीडीडीयू नगर। कोरोना काल के दौरान पूरे दो सालों तक हुई ऑनलाइन पढ़ाई से छात्रों की लेखन की आदत कम को गई है। जिसके वजह से उन्हें परीक्षा में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। छात्रों का कहना है कि पहले की अपेक्षा लेखन की गति आधे के करीब हो चुकी है। चाहकर भी समय से पूरा लेखन नहीं हो पा रहा है। वहीं कई छात्रों के हाथ और उंगलियां दुखने की शिकायत भी आ रही है। वहीं विद्यार्थियों की लिखावट भी खराब हुई है।
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वैश्विक महामारी के चलते दो वर्षों तक ऑनलाइन पढ़ाई होती रही। जिससे तकनीकी रूप से भले ही बच्चे मजबूत हुए हों पर उनकी लेखन की गति और लिखावट पर काफी प्रभाव पड़ा है। विद्यार्थियों को उम्मीद थी कि इस बार भी उन्हें प्रोन्नत कर दिया जाएगा। लेकिन अचानक स्कूल खुले और ऑफलाइन तरीके से 10 वीं और 12 वीं की बोर्ड परीक्षाओं की तिथि भी घोषित हो गई। छात्रों को परीक्षा की तैयारी करने का भी समय नहीं मिला। ऐसे में वे परीक्षा देने तो गए पर वहां लिखते समय उन्हें खुद से हैरानी हुई। कई छात्रों ने बताया कि दो साल पहले की अपेक्षा लिखने की गति में आधे से ज्यादा कमी आई है। वहीं परीक्षा होने के चलते जबरदस्ती लिखना पड़ रहा है इससे उंगलियां दुखने लग रही हैं और लिखावट भी खराब हो रही है।
कोरोना की वजह से दो सालो में ऑफलाइन कक्षाओं में पढ़ाई का मौका कम मिला। वहीं परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला। परीक्षाओं की तैयारी करना बड़ी चुनौती साबित हो रहा है। ऑनलाइन पढ़ाई के चलते लिखने की आदत कम हो गई है। अभ्यास छूटने से जबरदस्ती करने पर उंगलियों में दर्द होने लग रहा है। -राहत मोहम्मद,छात्र
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कोरोना के बाद पहली बार हुई ऑफलाइन परीक्षाओं में लेखनी में काफी अंतर आया है। चाहकर भी हम अच्छे से लिख नहीं पा रहे थे। साथ ही लिखावट भी खराब हुई है। एक साल पहले समय मिलता और स्कूल खुलते तो स्पीड ठीक हो जाती पर प्रर्याप्त समय नहीं मिला। जिससे लेखन की गति प्रभावित हो रही है। --खुशी जायसवाल, छात्रा, पीडीडीयू नगर
बोर्ड परीक्षा के विद्यार्थी पूरे आत्मविश्वास के साथ तैयारी करें और परीक्षा दें। जो पढ़े हैं उसे लिखने का ज्यादा से ज्यादा प्रयास करें। इससे विषय याद भी होगा और लेखन की गति बढ़ेगी भी। परीक्षा केंद्र में लेखन की गति को लेकर तनाव में न रहें। बल्कि मन में ये विश्वास रखें कि आप बेहतर करेंगे।-डॉ. प्रभास झा, प्रधानाचार्य, प्रभुनारायण राजकीय इंटर कॉलेज, रामनगर
परीक्षा को लेकर चिंता नहीं बल्कि चिंतन करें। कोई दिक्कत नहीं होगी। परीक्षा के शुरू के दस मिनट में पूरे प्रश्न पत्र को एक बार अच्छे से पढ़ लें। सबसे पहले सरल सवालों को हल करें। इसके बाद कठिन सवालों का जवाब दें। पिछले साले के परीक्षा में आए प्रश्न पत्रों को घर पर ही हल करने का प्रयास करें। अभ्यास से यह संभव हो जाएगा।-उर्मिला सिंह, प्रधानाचार्य, रामकृष्ण महिला विद्यामंदिर इंटर कॉलेज, पीडीडीयू नगर
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