मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के सभागार में बुधवार को फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के लिए मीडिया कार्यशाला आयोजित की गई। इस दौरान जनपद में 10 से 28 अगस्त तक चलने वाले अभियान की रूपरेखा साझा की गई। बैठक में मलेरिया अधिकारी राजीव सिंह ने बताया कि भारत सरकार ने वर्ष 2027 तक देश से फाइलेरिया उन्मूलन का लक्ष्य तय किया है।
उन्होंने कहा कि फाइलेरिया एक गंभीर व मौन बीमारी है, जिसके लक्षण शरीर में वर्षों बाद दिखते हैं। बताया कि अभियान के पहले चरण में चकिया, सकलडीहा व पीडीडीयू नगर की कुल जनसंख्या 6,82,324 को लक्षित किया गया है। कार्यकर्ता घर-घर जाकर दवा का सेवन अपने सामने कराएंगे। कार्यक्रम की निगरानी के लिए 106 पर्यवेक्षकों की टीम भी तैनात की गई है। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. हीरालाल सिंह ने कहा कि ये दवाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं। बताया कि 10 अगस्त को अभियान की शुरुआत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चकिया से होगी। बताया कि जनपद के शेष 7 ब्लॉकों में 11 अगस्त को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के तहत 19 वर्ष तक के बच्चों को एल्बेंडाजोल की खुराक दी जाएगी। जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. शरद मिश्रा ने बताया कि जनपद की सभी चिकित्सा इकाइयों में सर्पदंश रोधी इंजेक्शन (एंटीवेनम) उपलब्ध है।