पीडीडीयू नगर। जाको राखे साइयां मार सके न कोय वाली कहावत सोमवार को स्थानीय रेलवे स्टेशन पर चरितार्थ हुई। रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या दो पर चलती ट्रेन में सवार होने के चक्कर में सोमवार की दोपहर महिला का पैर फिसल गया और वह ट्रेन के नीचे आ गई। महिला चलती ट्रेन के पहिए और प्लेटफार्म के बीच फंस गई और तीन बोगियां पार कर गई लेकिन महिला सुरक्षित बाहर निकल आई। आरपीएफ, जीआरपी के जवानों ने महिला को बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार कराया।
नई दिल्ली से इस्लामपुर जाने वाली डाउन मगध एक्सप्रेस सोमवार को दिन में 11.45 बजे स्थानीय रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या दो पर पहुंची। निर्धारित ठहराव के बाद ट्रेन खुल गई। इस बीच एक महिला अपने बेटे के साथ दौड़ते हुए ट्रेन पर सवार होने लगी। बेटा चलती ट्रेन के कोच संख्या एस-6 में चढ़ गया और उसने मां को हाथ दिया।
महिला बेटे के हाथ को पकड़ कर ट्रेन पर चढ़ गई लेकिन इसी बीच उसका पैर फिसल गया और बेटे का हाथ छूट गया। महिला ट्रेन के नीचे गिर गई। यह देख बेटा भी ट्रेन से प्लेटफार्म पर कूद गया और मां को बचाने की कोशिश करने लगा। इस बीच ट्रेन ने रफ्तार पकड़ ली और महिला को छूते हुए तीन बोगी गुजर गई। यह देख अन्य यात्रियों में खलबली मच गई। कुछ यात्रियों ने चेन पुलिंग कर ट्रेन रोकी। इस बीच पहुंचे आरपीएफ के एसआई आरएन राम, अर्चना, जीआरपी एसआई मनोज यादव आदि पहुंच गए और महिला को बाहर निकाला। डिप्टी एसएस संजीव रंजन की सूचना पर लोको मंडलीय अस्पताल से डॉ. सत्यम तिवारी पहुंचे और जख्मी महिला दुर्गा देवी (56) पत्नी भरत सिंह का प्राथमिक उपचार किया। महिला लुधियाना पंजाब से अपने बेटे अजय कुमार के साथ पहुंची थी और चौसा जाने के लिए ट्रेन में सवार हो रही थी।