दुलहीपुर। विश्व जल संरक्षण दिवस पर सोमवार को जल निगम की ओर से क्षेत्र के महाबलपुर गांव में जल शक्ति अभियान के तहत कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान दोपहर करीब 12.30 बजे से उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों व ग्रामीणों ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जल संरक्षण पर संदेश सुना। साथ ही जल संरक्षण का संकल्प लिया। इस दौरान लगभग 50 लोगों को पौधे वितरित किए गए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जिला विकास अधिकारी पद्मकांत शुक्ल ने कहा कि लगातार घट रहे भूगर्भ जलस्तर को बचाने के लिए सभी को आगे आना होगा। जिस प्रकार बैंक खाते में रखे करोड़ों रुपये लगातार खर्च करने के बाद एक दिन खत्म हो जाते हैं, वैसे ही एक दिन भूगर्भ का जल भी समाप्त हो सकता है। आने वाली पीढ़ी के लिए जल का संरक्षण किया जाना अत्यंत जरूरी है। कहा कि सभी लोग पेयजल श्रोत के आसपास सफाई रखें और पानी एकत्र न होने दें। पेयजल श्रोत से 10 मीटर की परिधि में शौचालय का निर्माण न करें। हैंडपंप के प्लेटफार्म में टूट-फूट होने की दशा में ग्राम पंचायत से इसकी मरम्मत कराएं, क्योंकि इसका दायित्व ग्राम पंचायत का है। जलनिगम के अधिशासी अभियंता हेमंत सिंह ने कहा कि देश में पानी का संकट लगातार गहराता जा रहा है। इसलिए जल का संरक्षण जरूरी है। कहा कि वर्षा ऋतु के पूर्व व बाद में पेयजल श्रोत के पानी की जांच ग्राम पंचायत स्तर पर प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं से फील्ड किट के माध्यम से कराएं। रासायनिक या जैविक अशुद्धि पाए जाने पर जलनिगम की जनपद प्रयोगशाला में जल की गुणवत्ता की जांच कराएं। पेयजल को स्वच्छ बर्तन में ढंककर रखें और खुले में शौच न करें। कार्यक्रम आरंभ होने के पूर्व सभी को जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई। इस मौके पर आसपास के गांवों के निवर्तमान प्रधानों के साथ आनंद गुप्ता, डा. हरिहर सिंह, मुन्नी आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता मन्नी देवी व संचालन विनोद पांडेय ने किया।
जल संरक्षण को लेकर बांटे गए पौधे
जल संरक्षण को लेकर कार्यक्रम में लगभग 50 लोगों को पौधे प्रदान किए गए। उन्हें पौधों को लगाने व उनका संरक्षण करने की शपथ भी दिलाई गई। इस दौरान ग्रामीणों को गुड़हल, बेल, गुलाब, अशोक, नीम आदि के पौधे दिए गए।