श्री सर्वेश्वरी समूह का 65वां स्थापना दिवस रविवार को अघोर पीठ आश्रम, पड़ाव में उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। गोष्ठी में संभव राम ने कहा कि हमें साधु और सैनिक दोनों के कर्तव्यों का निर्वहन करना होगा।
जब राष्ट्र पर संकट हो तो सैनिक की भांति डटकर सामना करना आवश्यक है। राष्ट्र-रक्षा और आत्म-रक्षा दोनों अनिवार्य है। इस अवसर पर प्रभातफेरी, सफाई-श्रमदान, ध्वजारोहण और गोष्ठी में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
सुबह 6 बजे पड़ाव आश्रम से प्रारंभ हुई प्रभातफेरी प्रह्लादघाट, मछोदरी, मैदागिन, कबीरचौरा, लहुराबीर होते हुए कचहरी व पांडेयपुर से सारनाथ स्थित अघोर टेकरी पहुंची। यहां अघोरेश्वर महाप्रभु की चरणपादुका पूजन और ध्वजारोहण का कार्यक्रम संपन्न हुआ।
श्रद्धालुओं ने सफलयोनि पाठ के उपरांत प्रसाद ग्रहण किया। प्रभातफेरी में मोटरसाइकिल सवार, संस्था संस्थापक अघोरेश्वर भगवान राम का चित्र लगे वाहन और सैकड़ों श्रद्धालु शामिल रहे।
इसके उपरांत पड़ाव स्थित अघोर पीठ आश्रम में सुबह 9:15 बजे संस्था के अध्यक्ष पूज्य औघड़ गुरुपद संभव राम ने बाबा कीनाराम की प्रतिमा का पूजन व सर्वेश्वरी ध्वज फहराया।
गोष्ठी में कर्नल अमिताभ, डॉ. बामदेव पांडेय, अतुल यादव, सुभाष सिंह, सुरेश सिंह और देवेंद्र सिंह ने भी अपने विचार रखे। मंगलाचरण कुमारी राशि ने किया, संचालन पारसनाथ यादव ने तथा धन्यवाद ज्ञापन अरविंद कुमार सिंह ने किया।