कंदवा क्षेत्र के चिरईगांव में बने नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। अस्पताल का निर्माण होने के बाद पर्याप्त स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्ति न होने के चलते क्षेत्रीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही है।
शिकायत के बाद भी व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हो पा रहा है। वहीं यहां चिकित्सक की तैनाती न होने के चलते आयुर्वेदिक चिकित्सक मरीजों का इलाज कर रहे हैं। इसे लेकर लोगों में नाराजगी व्याप्त है।
कर्मनाशा नदी के तटवर्ती गांवों के लोगों के बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए सैयदराजा विधायक सुशील सिंह ने चिरईगांव में एक करोड़ 40 लाख रुपए की लागत से 10 शैय्या के स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कराया है।
स्वास्थ्य केंद्र बनकर तैयार होने के बाद पांच जनवरी 2022 को विधायक ने अस्पताल का लोकार्पण भी कर दिया लेकिन वर्तमान में अस्पताल पर किसी एमबीबीएस चिकित्सक की तैनाती नहीं हो सकी है।
इससे नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सैयदराजा के आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. अमित कुमार प्रतिदिन यहां के मरीजों का इलाज करते हैं। वहीं अस्पताल के निर्माण में बरती गई अनियमितता के कारण अस्पताल भवन की दीवारें और बाउंड्रीवाल दरकने लगी हैं।
कोविड हाॅल में तो आज तक दरवाजा नहीं लग पाया है। पूरे अस्पताल परिसर में झाड़ झंखाड़ उगे हुए हैं। नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चिरईगांव में 10 बेड का अस्पताल बनाया गया है लेकिन यहां मरीजों के लिए केवल दो बेड की ही व्यवस्था की गई है।
अस्पताल परिसर में कई वर्षों से पानी टंकी बनकर तैयार है लेकिन आज तक अस्पताल में पानी की आपूर्ति चालू नहीं हो सकी है। वहीं हैंडपंप का फाउंडेशन चार साल बाद भी नहीं बन पाया है।
ऑपरेशन थियेटर बन कर तैयार है और उसमें कुछ मशीनें भी रखी गई हैं लेकिन आज तक कोई आपरेशन नहीं हुआ है। मशीनें धूल से पटी पड़ी हैं।
अस्पताल पर नियुक्त चिकित्सक ने चार्ज लेने से मना कर दिया है। इससे चिकित्सक की कमी बनी हुई है। अस्पताल के भवन और दीवारों में दरारें पड़ने की खबर अधिकारियों को दे दी है।
-डॉ. राजेश सिंह, प्रभारी चिकित्साधिकारी, बरहनी।