पीडीडीयू नगर। इन दिनों पड़ रही तेज धूप व भीषण गर्मी के बीच 14 घंटे से अधिक भूख प्यास बर्दाश्त करना आसान बात नहीं है। बावजूद इसके बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग रोजा रख रहे हैं। इस दौरान भोर में होने वाली सहरी से लेकर शाम के इफ्तार के बीच उन्हें निर्जल उपवास रखना पड़ता है। शरीर में पानी की कमी न हो इसके लिए रोजा इफ्तार के समय अधिकतर लोग फल का सेवन कर रहे हैं। विशेषकर तरबूज लगभग इफ्तार के हर दस्तरख्वान पर देखे जा रहे हैं। जिले में करीब ढ़ाई सौ क्विंटल तरबूज की बिक्री प्रतिदिन हो रही है।
मांग को देखते हुए बाजार में जगह-जगह तरबूज की स्थायी व अस्थायी दुकानें सजाई गई हैं। 25 से 30 रुपये किलो बिक रहे तरबूज की खरीदारी की जा रही है। माह-ए-रमजान के कारण फलों की कीमत में भारी उछाल देखा जा रहा है। केला, सेब, संतरा व अंगूर जैसे फलों की कीमत में 15 से 20 फीसद की वृद्धि दर्ज की गई है। इस वर्ष तरबूज के दाम में भी कुछ बढ़त दर्ज की गई है। बावजूद इसके अधिकतर लोग तरबूज को पसंद कर रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि इस मौसम में शरीर में पानी की कमी होना आम बात है। अक्सर लोग पानी की कमी के कारण बीमारी के शिकार हो जाते हैं। वहीं तरबूज का सेवन करने वालों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। ह्दय रोग विशेषज्ञ डा. प्रदीप गुप्ता का कहना है कि तरबूज में पानी प्रचुर मात्रा में होता है। भीषण गर्मी के दौरान पेट को शीतलता प्रदान करने में तरबूज रामबाण का काम करता है। इसमें पोटैशियम, मैग्नीशियम, विटामिन ए, बी और सी पाया जाता है।